क्यों बंद हो रही बेशक़ीमती फ़ोन बनाने वाली कंपनी?

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क़ीमती रत्नों, सोने और जवाहरातों से जड़े स्मार्ट फ़ोन बनाने वाली कंपनी वर्च्यू बंद होने जा रही है.
लग्ज़री फ़ोन बनाने में इस ब्रितानी कंपनी का दुनिया भर में नाम है. कंपनी के बनाए स्मार्ट फ़ोन की क़ीमत करोड़ों रुपये में होती थी.
आर्थिक समस्याओं को झेल रही इस कंपनी के बंद होने से करीब दो सौ लोग बेरोजगार हो जाएंगे. इसे बचाने के कई प्रयास किए गए, लेकिन नाकाम रहे.
वर्च्यू में न सिर्फ क़ीमती रत्न बल्कि मंहगे लेदर का इस्तेमाल किया जाता था.

बाज़ार की प्रतिस्पर्धा
तकनीक विशेषज्ञ मानते हैं कि कंपनी बाजार की प्रतिस्पर्धा को झेल नहीं पाई. अन्य कंपनियां लग्जरी फोन सेगमेंट में कई अन्य सुविधाएं देती हैं जो ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं.
वर्चू के स्मार्ट फोन के सिग्नेचर रेंज की शुरुआत 9 लाख से शुरु होकर 32.6 लाख रुपये होती थी.
बीबीसी से बात करते हुए कंपनी के एक पूर्व प्रवक्ता ने कहा, "कंपनी बंद होने की प्रक्रिया में है. हालांकि मैं अब कंपनी का हिस्सा नहीं हूं. मेरी सैलरी बंद हो चुकी है."
कंपनी के पूर्व चीनी मालिक ने मार्च में इसे तुर्क मालिक हकन उज़न को बेच दी थी.
आईएसएच टेक्नॉलॉजी के जुड़े इयान फ़ॉग ने कहा कि कंपनी के लग्जरी स्मार्ट फ़ोन हैंडमेड होते थे. यह बहुत की कम संख्या में बनाई जाती थी.
फॉग ने बीबीसी को बताया कि अन्य लग्ज़री फ़ोन निर्माता कंपनियां अपने ग्राहकों को क़ीमती रत्न लगाने की विशेष सुविधा देते हैं. ग्राहक अपने पसंद और जेब के अनुसार रत्नों को फ़ोन में जड़वाते हैं.
वर्च्यू की स्थापना 1998 में नोकिया ने की थी. साल 2012 में इसे बेच दिया गया था. इसके बाद फ़ोन नोकिया के ऑपरेटिंग सिस्टम का इस्तेमाल करना बंद कर दिया गया और फ़ोन एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर आ गया.
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