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हर रोज़ थोड़ी-थोड़ी शराब से भी हो सकता है स्तन कैंसर: रिपोर्ट
शराब और स्तन कैंसर के संबंध पर नए सबूत सामने आए हैं.
वर्ल्ड कैंसर रिसर्च फ़ंड की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, हर रोज़ आधा ग्लास वाइन या एक छोटी बीयर पीने से स्तन कैंसर का ख़तरा बढ़ जाता है.
रिपोर्ट यह भी कहती है कि रोज़ाना व्यायाम से इस जानलेवा बीमारी का ख़तरा कम किया जा सकता है.
भारत में हर साल स्तन कैंसर से पीड़ित महिलाओं की संख्या में प्रति एक लाख में से तीस की औसत से इज़ाफ़ा हो रहा है.
ब्रिटेन में भी यह महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है. वहां हर आठ में से एक महिला अपने जीवनकाल में एक बार ज़रूर स्तन कैंसर की चपेट में आती है.
लाइफ़स्टाइल
लेकिन वैज्ञानिक अब तक यह बताने में नाकाम हैं कि कुछ लोगों को कैंसर क्यों होता है और कुछ को नहीं.
इसके पीछे लाइफ़ स्टाइल से लेकर हॉर्मोन का स्तर और दूसरी मेडिकल स्थितियां भी होती हैं. दरअसल यह बहुत जटिल है और सिर्फ़ एक फ़ैक्टर पर फ़ोकस करना ठीक नहीं.
कुछ फ़ैक्टर हैं जिन पर आपका नियंत्रण नहीं होता. मसलन, लिंग, उम्र, लंबाई, जीन और पीरियड्स शुरू होने का समय.
अगर आप 50 से ज़्यादा उम्र की महिला हैं, आपकी माहवारी बंद हो चुकी है और आपके परिवार में स्तन कैंसर का इतिहास है तो आप भी ख़तरे में हैं.
ज़्यादा लंबाई और 12 की उम्र से पहले पीरियड्स शुरू होने को भी जोख़िम बढ़ाने वाला माना जाता है. कैंसर रिसर्च यूके ने स्तन कैंसर की संभावित 18 वजहें बताई हैं.
रिपोर्ट का मतलब?
शराब उनमें से एक है. रिपोर्ट में कहा गया है कि महिलाएं संतुलित आहार, संतुलित वज़न और व्यायाम के ज़रिये स्तन कैंसर के ख़तरे को कम कर सकती हैं.
100 से ज़्यादा अध्ययनों के विश्लेषण के आधार पर यह रिपोर्ट बनाई गई. इन अध्ययनों में 1.2 करोड़ महिलाओं की मेडिकल हिस्ट्री का अध्ययन किया गया था.
वैज्ञानिकों को पर्याप्त सबूत मिले कि हर रोज़ एक छोटा ग्लास वाइन (10 ग्राम अल्कोहल), मासिक धर्म बंद होने के बाद महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के ख़तरे को 9 फ़ीसदी बढ़ा देता है.
इसका मतलब है कि 100 महिलाओं के समूह में क़रीब 13 को स्तन कैंसर हो सकता है.
और अगर वे सभी रोज़ाना एक अतिरिक्त छोटा ग्लास वाइन पिएं तो इस समूह में एक मरीज़ की संख्या और बढ़ सकती है.
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