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वो मुल्क जिसके प्यार में पड़ गईं एंजेलीना जोली
हॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री एंजेलीना जोली के मुताबिक कंबोडिया से उनके जीवन को नई दिशा मिली. जोली ने अपने नई फ़िल्म 'फ़र्स्ट दे किल्ड माय फ़ादर' का प्रीमियर कंबोडिया में शनिवार को किया.
कंबोडिया में 1975 से 1979 के बीच हुए खमेर रूज नरसंहार की सच्ची घटना पर आधारित इस फ़िल्म की निर्देशिका हैं एंजेलीना जोली.
फ़िल्म में उस नरसंहार को एक बच्चे की नज़रों से दिखाया गया है. जोली ने उम्मीद जताई है कि उनकी इस फ़िल्म से कंबोडिया के लोगों को उस नरसंहार के ख़िलाफ़ बोलने में मदद मिलेगी. उस नरसंहार में 20 लाख लोग मारे गए थे.
संयुक्त राष्ट्र रिफ़्यूजी एजेंसी की विशेष दूत जोली ने पहली बार 2001 में अपनी हिट फ़िल्म लारा क्रॉफ्ट- टॉम्ब राइडर की शूटिंग के दौरान कंबोडिया का दौरा किया था.
इसके बाद उन्होंने अपने सबसे बड़े बेटे को यहीं गोद लिया. इस बारे में उन्होंने बीबीसी संवाददाता याल्दा हाकिम से कहा, "जब मैं यहां आई तो यहां के लोगों के प्यार में पड़ गई. फिर इतिहास के बारे में जाना तो पता चला कि दुनिया को कितना कम जानती हूं."
'कंबोडिया की एहसानमंद हूं'
जोली आगे कहती हैं, "मैं कंबोडिया की हमेशा एहसानमंद रहूंगी. इस देश से जितना कुछ मुझे मिला है, उतना वापस करने के बारे में सोच भी नहीं सकती."
वैसे 'फ़र्स्ट दे किल्ड माय फ़ादर' लूआंग यूंग की किताब पर आधारित है. यूंग पांच साल की थीं, जब उन्हें उनके परिवार को खमेर रूज नरसंहार के दौरान अपना घर छोड़ना पड़ा था.
एंजेलीना जोली ने कहा, "इससे यहां के लोगों को अपनी बात कहने में मदद मिलेगी. लोगों ने अपने बच्चों को अपनी कहानियां नहीं बताई है."
इस फ़िल्म का निर्माण नेटफिलिक्स ने किया है. इस फ़िल्म के प्रीमियर के मौके पर एंजेलीना जोली अपने छह बच्चों के साथ कंबोडिया के अंकोरवाट में नज़र आईं.
उनके अलावा कंबोडिया के राजा नोरोडोम सिहामोनी भी मौजूद थे, जिन्होंने 2005 में देश में पर्यावरण संबंधी कामों में योगदान के चलते जोली को कंबोडिया की नागरिकता प्रदान की थी.
सितंबर, 2016 में, ब्रैड पिट के साथ तलाक़ की अर्जी दाख़िल करने के बाद पहली बार एंजेलीना जोली सार्वजनिक तौर पर नज़र आईं. एंजेलीना जोली और ब्रैड पिट 2004 से ही साथ में थे, लेकिन दोनों ने अगस्त, 2014 में शादी की थी.
जोली ने बताया, "ये काफ़ी मुश्किल भरा था. कई लोग ख़ुद को ऐसी स्थिति में पाते हैं. मेरे पूरे परिवार को मुश्किल दौर से गुजरना पड़ा. मेरा ध्यान मेरे, हमारे बच्चों पर है."
परिवार थे, परिवार रहेंगे
जोली ने साथ में ये भी कहा, "हम परिवार थे, हमेशा परिवार रहेंगे. मैं उबरने की कोशिश कर रही हूं. ऐसा रास्ता निकालने की कोशिश कर रही हूं जिससे हम मज़बूत हों और नज़दीक हों."
एंजेलीना जोली ने हाल ही में न्यूयॉर्क टाइम्स में अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के इमिग्रेशन बैन के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए एक लेख लिखा था, जिसमें उन्होंने कहा कि अमरीका को तथ्यों के आधार फ़ैसले लेने चाहिए न कि डर के आधार पर.
डोनल्ड ट्रंप पर बात करने को बहुत इच्छुक नहीं होने के बावजूद एंजेलीना जोली ने कहा, "अमरीकी जनता किसी भी राष्ट्रपति से बड़ी है. मुझे मेरे देश पर भरोसा है और उन मूल्यों पर भी जिस पर अमरीका बना है."
एंजेलीना जोली ने ये भी कहा, "मौजूदा समय में हम देख रहे हैं कि दुनिया भर के लोग नागरिक अधिकारों और हकों की बात कर रहे हैं. वहीं अमरीका में हम लोगों से ये सुन रहे हैं- यह मेरे लिए गैर अमरीकी है, यह मेरे लिए असंवैधानिक है और यह मैं हूं."
(फ़र्स्ट दे किल्ड माय फ़ादर इस साल नेटफिल्क्स पर रिलीज़ होगी.)
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