मिल गए 'दुनिया के सबसे सेहतमंद दिलवाले'

    • Author, जेम्स गैलाघर
    • पदनाम, स्वास्थ्य एवं विज्ञान संवाददाता, बीबीसी न्यूज़

शोधकर्ताओं ने बोलीविया के जंगलों में रहने वाले चीमेने लोगों के दिल को दुनिया का सबसे सेहतमंद दिल पाया है.

लांसेट में छपे एक अध्ययन के अनुसार, बूढ़े होने पर भी चीमेने लोगों के दिल की धमनियां बंद नहीं होतीं.

शोधकर्ताओं का कहना है कि बिल्कुल अलग ख़ुराक और रहने के तौर तरीक़ों के कारण 'यह बेहद असाधारण आबादी' है.

बोलीविया में अमेज़न के बारिश वाले जंगलों में चीमेने लोगों की क़रीब 16,000 की आबादी है. ये मैनीक्वी नदी के किनारे शिकार, मछली और खेती-बारी पर निर्भर है.

उनकी ज़िंदगी के तौर तरीक़े, हज़ारों साल पहले इंसानी सभ्यता से मिलते जुलते हैं. यहां पहुंचने के लिए वैज्ञानिकों और चिकित्सकों को लंबी यात्रा करनी पड़ी.

चीमेने से आपकी ख़ुराक कैसे अलग है?

  • उनके ख़ुराक का 17% हिस्सा शिकार पर निर्भर होता है.
  • 7% खुराक़ में ताज़े पानी की मछलियों जैसे पिरान्हा और कैटफिश़ होती हैं.
  • बाक़ी ख़ुराक खेतों में पैदा होने वाले चावल, मक्का, केले आदि से आती है.
  • इसके अलावा उनके ख़ुराक में फल और बादाम जैसे सूखे दाने होते हैं.

इसका मतलब है-

  • उनके ख़ुराक में 72% कैलोरी कार्बोहाइड्रेट्स से आती है, जबकि अमरीका में ये 52% है.
  • अमरीका में 34% के मुकाबले यहां 14% कैलोरी फैट (वसा) से आती है.
  • हालांकि अमरीकी और चीमेने 14% कैलोरी प्रोटीन से हासिल करते हैं.

यहां मर्द प्रति दिन 17,000 क़दम, जबकि महिलाएं 16,000 क़दम चलती हैं. 60 साल से ऊपर के लोगों का औसत चलना भी 15,000 क़दम होता है.

शोधकर्ताओं में से एक कैलीफ़ोर्निया में लॉन्ग बीच मेमोरियल मेडिकल सेंटर से जुड़े डॉ ग्रीगोरी थॉमस कहते हैं, "इससे वो व्यायाम का अधिकतम स्तर हासिल कर लेते हैं."

दिल कितना मजबूत?

जाम हुई धमनियों के कारण होने वाले दिल के दौरे के लिए कोरोनरी आर्टरी कैल्शियम (सीएसी) प्रमुख रूप से ज़िम्मेदार होता है.

705 लोगों पर किए गए अध्ययन में पता चला कि 45 साल की उम्र तक किसी चीमेने की धमनियों में सीएसी बिल्कुल नहीं था, जबकि इसी उम्र के 25% अमरीकियों में ये पाया जाता है.

75 साल की उम्र तक पहुंचते पहुंचते दो तिहाई चीमेने लोगों में सीएसी बिल्कुल नहीं होता, जबकि इसी उम्र के 80% अमरीकियों में ये पाया जाता है.

कैलीफोर्निया यूनिवर्सिटी के एंथ्रोपोलॉजी के प्रोफ़ेसर माइकल गुर्वेन ने बीबीसी को बताया, "उपलब्ध आंकड़ों में किसी भी आबादी के मुक़ाबले यह बहुत ज़्यादा कम है."

उनके मुताबिक, "इस आंकड़े के नज़दीक केवल जापानी महिलाएं हैं."

प्रो गुर्वेन ने कहते हैं, "हफ़्ते में एक बार व्यायाम से काम नहीं चलेगा, साइकिल से काम पर जाएं, सीढ़ियों का इस्तेमाल करें."

एसेक्स यूनिवर्सिटी में क्लीनिकल साइकोलॉजी में रीडर डॉ गेविन सैंडरकॉक कहते हैं, "यह शानदार अध्ययन है. अभी तक यही समझा जाता था कि कार्बोहाइड्रेट्स सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं."

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