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क्या आप किसी रोबोट के साथ सेक्स करेंगे?
- Author, जेन वेकफ़ील्ड
- पदनाम, टेक्नॉलॉजी रिपोर्टर
क्या आप रोबोट के साथ सेक्स करेंगे? क्या आप किसी रोबोट से शादी करेंगे? क्या रोबोट के पास ऐसे किसी भी संबंध को लेकर ना कहने का हक़ होगा?
कुछ इस तरह के ही सवाल लंदन के गोल्डस्मिथ यूनिवर्सिटी में एक कांफ्रेस के दौरान उठाए गए हैं.
मौका था 'लव एंड सेक्स विद रोबोट्स' विषय पर हुए दूसरे कांफ्रेस का जिस पर मलेशिया की सरकार ने अपने यहां होने पर रोक लगा दी थी.
इसके बाद आनन-फानन में इसे लंदन के गोल्डस्मिथ यूनिवर्सिटी में आयोजित किया गया.
इस आयोजन में कुछ विवादित सवाल उठे हैं. आयोजन में सेक्स इंडस्ट्री से किसी ने शिरकत नहीं की थी और ना ही कोई सेक्स रोबोट डिस्पले के लिए रखा गया था.
इसने कुछ लोगों को आयोजन पर सवाल खड़ा करने का मौका दे दिया है.
रियल डॉल्स कैलिफोर्निया की सेक्स टॉय बनाने वाली एक प्रमुख कंपनी है. कंपनी का दावा है कि वो अगले साल कृत्रिम बुद्धिमता वाले सेक्स डॉल तैयार करने जा रही है.
अगर ऐसा होता है तो ये डॉक्टर डेविड लेवी जैसे लोगों की दलीलों को सही साबित करेगा.
वो लंबे समय से इंसानों जैसे दिखने वाले बुद्धिमान रोबोट्स के युग की बात करते रहे हैं.
उन्होंने कांफ्रेस के आख़िरी में अपने संबोधन में एंड्रॉयड और इंसानों के बीच अंतरंग होते रिश्ते की बात कही.
उन्होंने कहा, "अगले दस सालों में बखूबी ऐसा सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया जाएगा जिसकी मदद से एक ऐसा रोबोट तैयार हो सकेगा जिसमें एक पार्टनर के सभी गुण मौजूद होंगे. फिर चाहे प्यार, विश्वास, सम्मान या सहनशीलता की बात क्यों ना हो."
वो आगे कहते हैं, "अगर कोई रिश्तों में तकरार पसंद करता हो और किसी आक्रमक स्वभाव वाले रोबोट से शादी करना चाहता है तो उन्हें वो एहसास भी मिलेगा."
हालांकि इस तरह के रोबोट पार्टनर को लेकर नैतिक सवाल भी खड़े हो रहे हैं.
डॉक्टर डेविड लेवी का मानना है कि क़ानून को ऐसे रोबोट को एक इंसान का दर्जा देना होगा.
यह भले ही अभी दूर की कौड़ी लग सकती है लेकिन साल 2016 में कई कंपनियों, एकैडमिक जगत के लोग और सरकार के प्रतिनिधियों ने इन सवालों पर माथापच्ची की है.
जहां तक रोबोट के अधिकारों की बात है तो इस पर डॉक्टर डेविड का नज़रिया बहुत एकतरफा है.
वो कहते हैं कि अगर रोबोट के व्यवहार से लगेगा कि वो शादी करना चाहता है तो फिर हमें उसे इसका निर्णय मान लेना चाहिए.
अभी जो रोबोट इंसानी व्यवहार के मुताबिक़ डिज़ाइन किए गए हैं वे किसी इंसान के बजाए दोस्ताना व्यवहार वाले खिलौने जैसे लगते हैं.
गोल्डस्मिथ यूनिवर्सिटी की सीनियर लेक्चरर केट डेवलीन ने कहा कि 'लव एंड सेक्स विद रोबोट्स' पर हुए कांफ्रेस में इस पर विस्तार से विचार किया गया कि सेक्स रोबोट की इंडस्ट्री किस दिशा में आगे बढ़ाई जा सकती है और इससे जुड़े नैतिक मुद्दे किस तरह के होंगे.
वो कहती हैं, "अगर हमारे इर्द-गिर्द चेतनशील मशीन होंगी तो हम कैसे जान पाएंगे कि वे चेतनशील हैं. उनकी चेतनशीलता किस हद तक होगी. और हमारी उनके प्रति क्या जिम्मेदारी होगी?"
इन सब बातों पर विचार करना होगा कि, "क्या उनके पास अपने अधिकार होंगे? क्या हमें उनकी सहमति को लेकर आइडिया पर काम करना चाहिए?"
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