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नवीन चावला सँभालेंगे कार्यभार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण की गहमागहमी के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी सोमवार को सेवानिवृत्त हो गए. उनके स्थान पर चुनाव आयुक्त नवीन चावला मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यभार संभालेंगे. तीन सदस्यीय चुनाव आयोग में नवीन चावला के स्थान पर अब वी एस संपत चुनाव आयुक्त होंगे. एसवाई क़ुरैशी पहले से ही चुनाव आयुक्त हैं. नवीन चावला को लेकर चुनाव से ऐन पहले काफ़ी विवाद हुआ था जब मुख्य चुनाव आयुक्त एन गोपालस्वामी ने चावला पर राजनीतिक पक्षपात का आरोप लगाते हुए उन्हें चुनाव आयोग से हटाने की सिफ़ारिश की थी. लेकिन मंत्रिमंडल की सलाह पर राष्ट्रपति ने इसे अस्वीकार कर दिया था. मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने नवीन चावला की नियुक्ति पर एक बार फिर आपत्ति की है. बीजेपी ने माँग की है कि चावला के बारे में गोपालस्वामी की शिकायत को सार्वजनिक किया जाए. सरकार ने इसे ठुकरा दिया है. विवाद मौजूदा सरकार ने गोपालस्वामी की सिफ़ारिश को सार्वजनिक करने से मना करने पर एक बार फिर इस मामले पर राजनीति गरमा गई है. भाजपा के प्रवक्ता अरुण जेटली ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा, " मुख्य चुनाव आयुक्त अपने चुनाव आयुक्त के बारे में क्या सोचते हैं और कौन से कारणों से उन्होंने ये सिफ़ारिश की ये सार्वजिनक मामला है और भारत के नागरिकों को इस बात को जानने का पूरा हक है की आखिर ये सिफारिश की क्यों गई. " उधर कांग्रेस की प्रवक्ता जयंती नटराजन से संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, "हमेशा से ही बीजेपी के पास कोई मुद्दा नहीं है, जिसके आधार पर वो कांग्रेस पर हमला कर सकें, और ऐसा हमला जिसका की कोई ऐसा आधार हो जिसे जनता के समक्ष रखा जा सके और इसी वजह से भारतीय जनता पार्टी झूठ के इस पुलिंदे और बिना बात के मुद्दा को उठाकर अपना चुनावी प्रचार कर रही है." भारतीय राजनीति में ऐसा पहली बार हुआ है कि चुनाव के बीच में मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल ख़त्म हो रहा है. नवीन चावला 29 जुलाई 2010 तक मुख्य चुनाव आयुक्त रहेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें नवीन चावला को हटाने की सिफ़ारिश31 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस नवीन चावला पद छोड़ने को तैयार नहीं31 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस भाजपा को आयोग के सदस्य पर आपत्ति11 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'राजनीतिक आका न बनें गोपालस्वामी'02 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'चावला के मुद्दे पर अदालत जाए भाजपा'04 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'वरुण का भाषण कहीं अधिक विषाक्त था'18 अप्रैल, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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