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'वरुण पर भाजपा की संगत का असर' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कहना है कि वरुण गाँधी ने चुनावी मुहिम के दौरान जिन शब्दों का प्रयोग किया है वो भाजपा की संगत का असर है. बीबीसी के साथ बातचीत में गहलोत ने कहा, "ये संगत का असर है, इंसान जिस जगह रहता है उसपर उसका प्रभाव पड़ता है. दुनिया जानती है कि भारतीय जनता पार्टी ने देश में सांप्रदायिकता फैलाने का काम किया है." उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश वरुण गाँधी भाजपा की संगत में चले गए. उसी वजह से आज ये स्थिति बनी है कि चुनावी मुहिम में उन्होंने भड़काऊ भाषण दिए हैं. वरुण गांधी पर आरोप है कि उन्होंने पिछले दिनों पीलीभीत में चुनाव प्रचार के दौरान कथित रुप से भड़काऊ भाषा में मुसलमानों के ख़िलाफ़ टिप्पणियाँ की थीं. वरुण पीलीभीत लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के प्रत्याशी हैं. भाजपा बच नहीं सकती जब गहलोत के सामने ये सवाल रखा गया कि भाजपा के कुछ नेताओं का आरोप है कि वरुण ने जो कुछ कहा है, दरअसल वो उनका ख़ून बोल रहा है. इस पर गहलोत का का कहना था, "भाजपा इससे बच नहीं सकती, क्योंकि उनकी ख़ुद की सोच सांप्रदायिकता पर आधारित है, उनकी नीति और नीयत में भी सांप्रदायिकता झलकती है. इसलिए ऐसी बात करके भाजपा हक़ीक़त से पल्ला नहीं झाड़ नहीं सकती." जब एक कांग्रेसी नेता के भी भड़काऊ भाषण का ज़िक्र किया गया तो उनका कहना था, "सांप्रदायिकता की बात करने वाले किसी भी पार्टी में हों, हम उसकी निंदा करते हैं." राजस्थान में हाल में हुए विधानसभा चुनावों में कामयाबी के बाद लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की उम्मीद और रणनीति पर उनका कहना था कि पार्टी ने चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है. गहलोत के अनुसार, "जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं में काफ़ी उत्साह है. क्योंकि राज्य से कुशासन का अंत हुआ और एक भ्रष्ट सरकार चली गई है. ख़ुद भाजपा के नेताओं ने पिछली सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे." उनका कहना था कि राज्य में नतीजे उनकी पार्टी के पक्ष में होंगे क्योंकि राजस्थान सरकार और केंद्र में सत्ताधारी संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार (यूपीए) ने बेहतर काम किए हैं. राज्य में गूजर बिरादरी की ओर से आरक्षण की माँग और उसके बाद मीणा और गूजर समुदायों के बीच पैदा हुई नफ़रत पर उनका कहना था कि पिछली सरकार ने उन दोनों समुदायों के बीच खाई पैदा की, लेकिन वो इनके बीच सौहार्द्र पैदा करने के लिए संपर्क में हैं. गहलोत का कहना था कि वे चाहते हैं कि दोनों समुदायों के बीच भाईचारा और सदभावना बढ़े. | इससे जुड़ी ख़बरें गहलोत राजस्थान के मुख्यमंत्री बने13 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस गहलोत मंत्रिमंडल में 13 ने शपथ ली19 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस राजस्थान में बढ़त, बहुमत नहीं08 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस राजस्थान के रुझान और परिणाम08 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस राजस्थान में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी08 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस विधानसभा चुनाव -कौन जीता, कौन हारा08 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस विधानसभा चुनाव नतीजों पर एक नज़र08 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस जीत के बावजूद दस जनपथ पर सन्नाटा08 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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