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अकेले दम पर चुनाव लड़ेंगे: मायावती | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने स्पष्ट किया कि बहुजन समाज पार्टी लोक सभा चुनाव अपने दम पर लड़ेगी और वह किसी से समझौता नहीं करेगी. उनका कहना था कि कांशीराम की इच्छा थी कि बसपा केंद्र में सत्ता तक ज़रूर पहुँचे और पार्टी इस सपने को साकार करने की पूरी कोशिश करेगी. मायावती ने घोषणा की है कि बसपा इस बात की पूरी कोशिश करेगी कि कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी सत्ता में वापस न आने पाए. दिल्ली में रविवार को पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उनके साथ वामपंथी और कुछ अन्य दल भी जी जान से जुडे हैं ताकि ये सुनिश्चित किया जा सके. मायावती ने कहा कि रविवार रात को उन्होंने रात्रिभोज का आयोजन किया है जिसमें यूपीए और एनडीए गठबंधन को केंद्र में सत्ता में आने से रोकने पर विचार किया जाएगा. लेकिन साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि इस रात्रि भोज में तीसरे मोर्चे की रणनीति अथवा प्रधानमंत्री पद के दावेदारी के सिलसिले में कोई बातचीत नहीं की जाएगी. मायावती की अपील इस मौक़े पर मायावती ने चुनावी अपील भी जारी की. उन्होंने कहा कि बसपा कहने में कम और काम करके दिखाने में ज्यादा विश्वास करती है इसलिए वह वादों वाला चुनावी घोषणापत्र जारी नहीं करती है. कांग्रेस और भाजपा की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि ये दल 'धन्ना सेठों' के अनुसार अपनी आर्थिक नीतियाँ तैयार करते हैं. उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यूपीए और एनडीए के नेता तीसरे मोर्चे के बारे में तथ्यहीन बातें कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि मोर्चे के गठन पर शनिवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बेहद चुटीले अंदाज़ में टिप्पणी की और कहा था, "ये कौन तय करेगा कि कौन पहला मोर्चा है कौन दूसरा है और कौन तीसरा है." मुखर्जी का कहना था कि इतिहास देखा जाए तो इस तरह का मोर्चा कभी सफल नहीं हो सका है. उधर बंगलौर में भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने भी तीसरे मोर्चे पर जमकर प्रहार किया. उनका कहना था, "तीसरा मोर्चा एक छलावा है. इसकी न तो कोई विश्वसनीयता, न तो कोई स्वीकृति है और न ही इसके पास कोई नेता है." |
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