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विद्रोह में चरमपंथी संगठन का हाथ? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की सरकार का कहना है कि पिछले महीने हुए बांग्लादेश राइफ़ल्स के विद्रोह की जाँच कर रहे अधिकारियों को पता चला है कि इसमें एक इस्लामिक चरपमंथी संगठन के तार जुड़े हुए हैं. समाचार एजेंसी एएफ़पी के साथ बातचीत में वाणिज्य मंत्री फ़ारूख़ ख़ान ने कहा कि गिरफ़्तार विद्रोहियों से पूछताछ के दौरान ये पता चला है कि कुछ लोगों का संबंध जमायत-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश है. जमायत-उल-मुजाहिदीन पर आरोप है कि संगठन ने वर्ष 2005 में एक दिन ही 400 धमाके किए थे. पिछले महीने बांग्लादेश राइफ़ल्स (बीडीआर) के जवानों ने विद्रोह कर दिया था. इस विद्रोह में कम से कम 57 सैनिक अधिकारी मारे गए थे. शुरू में यह माना गया था कि वेतन को लेकर यह विद्रोह हुआ था. साज़िश? लेकिन प्रधानमंत्री शेख़ हसीना का कहना है कि ये उनकी सरकार को गिराने की साज़िश का हिस्सा हो सकता है. बीडीआर जवानों के विद्रोह की घटना की अलग-अलग कई जाँच चल रही है. वाणिज्य मंत्री फ़ारूख़ ख़ान इसके संयोजक हैं. सेना और पुलिस के अलावा सरकार भी विद्रोह की जाँच कर रही है. फ़ारूख़ ख़ान का कहना है कि बीडीआर के 40 जवानों से पूछताछ के दौरान ये बात सामने आई है कि जमायत-उल-मुजाहिदीन और कुछ जवानों के बीच संबंध था. पुलिस ने इस मामले में एक हज़ार गिरफ़्तारी का वारंट जारी किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें स्कॉटलैंडयार्ड और एफ़बीआई टीमें ढाका में11 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश ने यू ट्यूब को किया ब्लॉक09 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश ने मरनेवालों की संख्या घटाई03 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश विद्रोह का 'सरगना' गिरफ़्तार03 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में विद्रोहियों की तलाश 02 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में मृतकों का अंतिम संस्कार02 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'विद्रोही जवानों पर हत्या का आरोप'01 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में कई और क़ब्रें मिलीं28 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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