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बांग्लादेश में मृतकों का अंतिम संस्कार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में बॉर्डर गार्ड विद्रोह के दौरान मारे गए लोगों में से 50 का ढाका में अंतिम संस्कार किया गया है. बांग्लादेश के राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष की अगुआई में हज़ारों लोगों ने ढाका के परेड ग्राउंड में मृतकों को श्रद्धांजलि दी.मारे गए अधिकारियों के परिजन बांग्लादेश के विभिन्न हिस्सों से पहुँचे. ढाका में 25 फ़रवरी को बांग्लादेश राइफ़ल्स के जवानों ने विद्रोह कर दिया था. बीडीआर के जवानों का सशस्त्र विद्रोह ढाका के बाहर 12 अन्य शहरों में फैल गया था.कहा जा रहा है कि वेतन, कामकाज का वातावरण और तरक्की के सवालों पर नाराज़ जवानों ने विद्रोह किया था. इस दौरान 140 के लगभग सेना के जवान मारे गए हैं हालांकि अभी तक केवल 70 शव ही बरामद किए गए हैं. संवाददाताओं का कहना है कि बाक़ी लोगों के अवशेष या तो जला दिए गए हैं या फिर गटर में फेंक दिए गए हैं. कई सैन्य अधिकारियों की पत्नियों की भी हत्या कर दी गई है. वारंट जारी बांग्लादेश राइफ़ल्स के जिन एक हज़ार से ज़्यादा जवानों पर संदेह हैं कि वे विद्रोह में शामिल थे, उन्हें ढूँढने के लिए बड़े पैमाने पर तलाश शुरु कर दी गई है. बांग्लादेश पुलिस कह चुकी है कि वो बांग्लादेश राइफ़ल्स के एक हज़ार से ज़्यादा जवानों पर हत्या का आरोप लगा रही है जिन्होंने कथित तौर पर विद्रोह में हिस्सा लिया था. सरकार ने 1000 गार्डों और उनके साथियों के ख़िलाफ़ वारंट जारी किए हैं. बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बताया है कि उन्होंने अमरीका की एफ़बीआई और ब्रिटेन के स्कॉटलैंड यार्ड से जाँच में मदद माँगी है. बांग्लादेश सरकार ने पहले विद्रोहियों को आम माफ़ी की पेशकश की थी पर जब मृतकों के आँकड़ों के बारे में पता चला तो सरकार ने कहा कि दोषियों को सज़ा दी जाएगी. |
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