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स्कॉटलैंडयार्ड और एफ़बीआई टीमें ढाका में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले महीने बांग्लादेश में सुरक्षाबलों के विद्रोह की जाँच करने के लिए अब ब्रितानी पुलिस जाँच एजेंसी स्कॉटलैंडयार्ड का एक दल वहाँ पहुँचा है. अमरीकी केंद्रीय जाँच एजेंसी एफ़बीआई की एक टीम पहले से ही ढाका में है. बांग्लादेश की आपराधिक जाँच शाखा (सीआईडी) ने एफ़बीआई से जाँच में सहयोग मांगा है. उल्लेखनीय है कि पिछले महीने 25-26 फ़रवरी को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बांग्लादेश राइफ़ल्स के जवानों ने विद्रोह कर दिया था. इसके बाद सेना और बांग्लादेश राइफ़ल्स के जवानों के बीच भीषण गोलीबारी हुई थी. बीडीआर के जवानों का सशस्त्र विद्रोह ढाका के बाहर 12 अन्य शहरों में फैल गया था. पहले कहा गया था कि इस विद्रोह में डेढ़ सौ लोग मारे गए हैं लेकिन बाद में अधिकारियों ने यह संख्या घटाकर 74 कर दी थी. जाँच मंगलवार को ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय विकास मामलों के मंत्री माइक फॉस्टर ढाका पहुँचे. उन्होंने विद्रोह और इसमें लोगों के मारे जाने की निंदा की. उन्होंने ब्रिटेन की ओर से बांग्लादेश की शेख़ हसीना सरकार की लोकतांत्रिक ढंग से चुनी हुई सरकार को पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया. उधर ब्रिटेन की पुलिस जाँच एजेंसी स्कॉटलैंडयार्ड की एक चार सदस्यीय टीम बुधवार को ढाका पहुँच रही है. ये टीम विद्रोह के विभिन्न पहलुओं की जाँच करेगी. इससे पहले एफ़बीआई के दो अधिकारी भी दिल्ली से ढाका पहुँचे हुए हैं. एफ़बीआई के अधिकारियों ने बांग्लादेश की सीआईडी के अधिकारियों से चर्चा की है, जो विद्रोह की जाँच का काम संभाल रही है. अधिकारियों का कहना है कि सीआईडी ने एफ़बीआई से विस्फ़ोटकों की जाँच और फ़ोरेंसिक जाँच में सहयोग मांगा है. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश ने मरनेवालों की संख्या घटाई03 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस 'विद्रोही जवानों पर हत्या का आरोप'01 मार्च, 2009 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में कई और क़ब्रें मिलीं28 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में तीन दिनों का शोक27 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में विद्रोह फैला, सेना ने टैंक बुलाए26 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस ढाका में जवानों का विद्रोह25 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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