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मारे गए नागरिकों की संख्या में वृद्धि | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि पिछले साल अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष के दौरान मारे गए लोगों की संख्या में 39 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है. संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक 2118 लोग मारे गए हैं जिनमें से 55 फ़ीसदी लोगों की मौत के लिए चरमपंथी ज़िम्मेदार हैं जबकि अमरीका, नैटो और अफ़ग़ान सेना 39 फ़ीसदी लोगों की मौत के लिए ज़िम्मेदार है. रिपोर्ट के मुताबिक 2001 में तालेबान को सत्ता से हटाने के बाद 2008 में सबसे ज़्यादा अफ़ग़ान नागरिक मारे गए हैं. अमरीका के नेतृत्व वाली सेना ने बार-बार कहा है कि वो नागरिकों की मौत के वाक्या कम करने की कोशिश करेगी लेकिन इसके बावजूद हुआ उलटा ही है. संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक चरमपंथियों ने बमबारी के ज़रिए सबसे ज़्यादा लोगों को मारा है और बमबारी के दौरान उन्होंने ये ध्यान नहीं रखा कि नागरिकों को क्या नुकसान हो रहा है. शोधकर्ताओं के मुताबिक 828 नागरिक उस दौरान मारे गए जब सरकार के समर्थन में लड़ रहे सैनिक चरमपंथियों से जूझ रहे थे. नैटो ने इस आँकड़ों को मानने से इनकार कर दिया है और कहा है कि उनके कारण 237 नागरिक ही मारे गए. मानवाधीकार मामलों के दल ने अफ़ग़ानिस्तान में ये आँकड़े इकट्ठा किए हैं और कहा है कि आपसी गोलीबारी जैसी घटनाओं में 130 लोगों की मौत हुई. हालांकि ये नहीं बताया गया कि इन्हें किसने मारा. हाल ही में द इंस्टीट्यूट ऑफ़ पीस संस्था ने कहा है कि इस बात के आसार कम ही हैं कि अफ़ग़ानिस्तान में चरमपंथियों को अमरीका और नैटो हरा पाएँगे. इस संस्था को अमरीकी कांग्रेस की ओर से आर्थिक मदद मिलती है. इस संस्था ने कहा है कि अफ़ग़ानिस्तान में तैनात किए जाने वाले नए सैनिकों का इस्तेमाल अफ़ग़ान सुरक्षा बलों को प्रशिक्षण देने में करना चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ानिस्तान में ब्रितानी सैनिक की मौत17 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान की अनदेखी नहीं होगी'15 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस चीनी इंजीनियर को तालेबान ने रिहा किया15 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस क्या अमरीकी बंदूकें तालेबान के पास?12 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस आत्मघाती हमले में 21 पुलिसकर्मी मरे02 फ़रवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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