|
आत्मघाती हमले में 21 पुलिसकर्मी मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के उरुज़गान इलाक़े के एक पुलिस थाने में हुए आत्मघाती हमले में 21 पुलिसकर्मी मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं. उरुज़गान प्रांत की राजधानी तिरिन कोट के थाने में हुई इस घटना में एक हमलावर पुलिस की वर्दी में आया और उसने धमाका कर दिया. पुलिस ने इस धमाके को '' अत्यंत शक्तिशाली '' बताया है और इसमें आसपास की कई इमारतों को भी नुकसान पहुंचा है. पुलिस प्रमुख जुमा गुल हिमत ने समाचार एजेंसी एएफ़पी को बताया, "आत्मघाती धमाके में 18 पुलिसकर्मी शहीद हो गए और कई घायल हुए हैं." उनका कहना था कि उरुज़गान की राजधानी तिरिन कोट के एक पुलिस स्टेशन में पुलिस भेष में एक आत्मघाती हमलावर ने उस वक्त धमाका कर दिया जब पुलिसकर्मी सबेरे कसरत के लिए लाईन में लग रहे थे. गुल का कहना है कि इस हमले की जाँच की जा रही है. वर्ष 2001 में अफ़ग़ानिस्तान पर अमरीकी सैनिकों के हमले के बाद से दक्षिणी अफ़गानिस्तान तालेबानी चरमपंथियों के गतिविधि का केंद्र बन गया है. अधिकारियों के अनुसार पिछले कुछ महीनों में अफ़गानिस्तान में पुलिसकर्मियों पर हुआ यह सबसे ख़तरनाक हमला है. उधर एक अन्य घटना में अफ़ग़ान नेशनल आर्मी के एक प्रवक्ता ने बीबीसी को बताया कि सेना के जवानों ने तिरिन कोट के नज़दीक तीन लोगों को बमों से लैस आत्मघाती पट्टे पहने हुए गिरफ़्तार किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें आत्मघाती बम हमला: आठ मरे, 70 घायल13 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस आम लोगों के मरने पर करज़ई फिर ख़फ़ा26 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में 17 चरमपंथी मारे गए31 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'अस्थिरता के लिए भ्रष्ट सरकार भी दोषी'18 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'तालेबान-अफ़ग़ान अफ़सरों में मिलीभगत'05 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'अल क़ायदा जहाँ भी होगा, हमले होंगे'27 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||