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आम लोगों के मरने पर करज़ई फिर ख़फ़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने देश के पूर्वी हिस्से में अमरीकी सेना के उस अभियान की आलोचना की है जिसमें 16 लोग मारे गए थे. करज़ई ने कहा कि मारे गए लोगों में से अधिकतर निर्दोष नागरिक थे. उनका कहना था कि इस तरह की घटना से तालेबान विद्रोहियों को मज़बूती मिलती है और सरकार कमज़ोर होती है. हामिद करज़ई ने कहा कि मृतकों में महिलाएँ और बच्चे भी थे. अमरीका में बराक ओबामा के सत्ता संभालने के बाद यह पहली घटना है जिसके लिए करज़ई ने अमरीकी सेना की आलोचना की है. नवनियुक्त सैन्य अधिकारियों को संबोधित करते हुए हामिद करज़ई ने उम्मीद जताई कि जल्दी ही अफ़ग़ान सेना ख़ुद तालेबान से लड़ने की ज़िम्मेदारी ज़्यादा से ज़्यादा अपने कंधों पर ले लेगी. उनका कहना था, "हमारा लक्ष्य अपनी सेना को मज़बूत बनाना है और अपने देश को ख़ुद सुरक्षित बनाना है." अफ़ग़ान राष्ट्रपति तालेबान के ख़िलाफ़ अभियान में अंतरराष्ट्रीय सेना के हाथों निर्दोष लोगों के मारे जाने की आलोचना करते रहे हैं. पिछले हफ़्ते ही उन्होंने अमरीका और उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन यानी नैटो से ऐसी घटनाएँ रोकने की अपील की थी. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीकी कार्रवाई में 15 की मौत24 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'हमलावर और पीड़ित बराबर नहीं'23 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'निर्दोष लोगों की मौत स्वीकार नहीं करेंगे'20 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस 'चरमपंथ पर भारत-अफ़ग़ानिस्तान एकजुट'11 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस बेहोशी की दवा के बिना उस्तरे से गर्भपात07 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में 17 चरमपंथी मारे गए31 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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