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गणतंत्र दिवस के मौक़े पर घाटी बंद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गणतंत्र दिवस के मौक़े पर अलगाववादी गुटों ने भारत प्रशासित कश्मीर घाटी में बंद का आह्वान किया था. बंद का काफ़ी लोगों ने समर्थन किया है. घाटी में अलगाववादी गुटों ने सोमवार को काला दिवस मनाया. ग़ौरतलब है कि पिछले महीने भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर में हुए चुनाव में अलगाववादी गुटों के बहिष्कार के बावजूद आम लोगों की भागीदारी काफ़ी हुई थी. सोमवार को घाटी के अधिकांश हिस्सों में दुकानें बंद है और यातायात प्रभावित हुआ है. सुरक्षा बंदोबस्त उधर श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह में बमुश्किल 15 सौ लोग मौजूद थे जिनमें अधिकांश सरकारी अधिकारी और सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ता थे. जम्मू कश्मीर सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री अली मोहम्मद सागर ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों की सलामी ली. इस समारोह के लिए सुरक्षा के पर्याप्त बंदोबस्त किए गए थे. हालांकि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार पुलिस बलों की तैनाती कम थी और आम लोगों की जाँच-पड़ताल नहीं की गई. वरिष्ठ पत्रकार ख़ुर्शीद वानी कहते हैं, " पिछले कुछ महीनों में अलगाववादी हिंसा की घटनाएँ नहीं हुई है, इस वजह से वातावरण में सुकून दिखता है." गणतंत्र दिवस के मौक़े पर घाटी में किसी भी तरह की अप्रिय घटना की ख़बर नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें जम्मू-कश्मीर: अलगाववादियों ने चुनाव का बहिष्कार किया16 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस चरमपंथी गिरफ़्तार, दो पुलिसकर्मी मृत22 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस चली है रस्म कि कोई न सर उठा के चले.. 25 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीनगर में भारी विरोध प्रदर्शन 22 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस एक परिवार के बहाने कश्मीर का दर्द23 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीर में प्रदर्शन, यासीन मलिक घायल28 जून, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू-कश्मीर में हालात बिगड़े, 15 की मौत12 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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