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प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सर्जरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन के दिल की बाइपास सर्जरी शनिवार को दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में हो रही है. प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी कर बताया कि एम्स में उनकी बाइपास ग्राफ़्ट सर्जरी मुंबई स्थित एशियन हार्ट संस्थान और दिल्ली स्थित एम्स अस्पताल के डॉक्टरों की एक टीम कर रही है. एशियन हार्ट संस्थान के जाने-माने कार्डिएक सर्जन डॉक्टर रमाकांत पांडा के नेतृत्व में 76 वर्षीय मनमोहन सिंह की सर्जरी हो रही है. मंगलावर को सीने में दर्द की शिकायत की बाद मनमोहन सिंह को एम्म में जाँच के लिए भर्ती कराया गया था. इस दौरान उनका मेडिकल चेकअप हुआ, जिसमें एंजियोग्राफ़ी भी शामिल थी. राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति चिकित्सों की ग्यारह सदस्यों की टीम में एम्स और क्लीवलैंड क्लिनिक, अमरीका में पढ़कर प्रशिक्षण पाने वाले डॉक्टर पांडा के अलावा डॉक्टर प्रद्युत कुमार, डॉक्टर विजय डीसिल्वा और कई अन्य डॉक्टर शामिल हैं. डॉक्टर पांडा को इस क्षेत्र में 13 साल का अनुभव है और वे हज़ारों ऐसे ऑपरेशन कर चुके हैं. जानकारों का मानना है कि इस सर्जरी के बाद तीन या चार हफ़्तों तक प्रधानमंत्री दफ़्तरी कामकाज नहीं कर पाएँगे. हालाँकि, कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि प्रधानमंत्री को कोई ज़्यादा ख़तरा नहीं है. प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति में विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति की अध्यक्षता करते हैं और अब भी ऐसा ही होगा. उन्हें वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त कार्यभार भी सौंपा गया है जिसे मनमोहन सिंह ख़ुद देख रहे थे. विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, "प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति में स्टैंडिंग ऑर्डर यानी निर्देश स्पष्ट है. ऐसी स्थिति में अहम फ़ैसले राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति करती है जिसकी अध्यक्षता सबसे वरिष्ठ मंत्री करता है. इन परिस्थितियों में इस समिति की बैठकों की अध्यक्षता मैं करुँगा." इस दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गणतंत्र दिवस के परेड कार्यक्रम और अन्य कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाएँगे. इसलिए इन कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री का पारंपरिक कर्तव्य अलग-अलग लोग निभाएँगे. दूसरी बाइपास सर्जरी इससे पहले वर्ष 1990 में ब्रिटेन में मनमोहन सिंह के दिल की बाइपास सर्जरी हुई थी. वर्ष 2003 में दिल्ली में उन्हे एंजियोप्लास्टी करानी पड़ी था. सितंबर 2007 में प्रॉस्टेट ग्रंथि के उपचार के लिए भी उनका ऑपरेशन किया गया था. केंद्र में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार का नेतृत्व कर रहे मनमोहन सिंह वर्ष 2004 से भारत के प्रधानमंत्री हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मनमोहन सिंह की एंजियोग्राफ़ी21 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस अख़बारों में छाए मनमोहन20 मई, 2004 | भारत और पड़ोस मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री नियुक्त19 मई, 2004 | भारत और पड़ोस उदारीकरण के जनक मनमोहन सिंह18 मई, 2004 | भारत और पड़ोस क्लिंटन का बाइपास ऑपरेशन सफल06 सितंबर, 2004 | पहला पन्ना क्लिंटन का बाइपास ऑपरेशन होगा04 सितंबर, 2004 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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