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पाकिस्तानी सीमा पर '60 चरमपंथी' मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी इलाक़ों में सरकारी सेनाओं और चरमपंथियों के बीच संघर्ष में कम से कम ''60 चरमपंथी'' मारे गए हैं. अधिकारियों के अनुसार संघर्ष उस समय शुरु हुआ जब मोहमंद ज़िले में सेना ने उन गांवों में कार्रवाई की जिनके बारे में कहा जा रहा था कि वहां चरमपंथी छुपे हुए हैं. सेना ने हमले में तोप, हेलीकॉप्टर और विमानों का इस्तेमाल किया है. पाकिस्तान ने अपने कबायली इलाक़ों में हज़ारों की संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की है लेकिन अफ़गानिस्तान और पश्चिमी देशों का कहना है कि इससे चरमपंथियों पर कोई असर नहीं पड़ा है. पैरामिलिट्री फ्रंटियर कॉर्प्स ( एफसी) ने एक बयान जारी कर कहा है कि दिन भर चले संघर्ष में 60 से अधिक चरमपंथी मारे गए हैं. बीबीसी ने जब इलाक़े में मौजूद लोगों से बात की तो उन्होंने इस संख्या की पुष्टि नहीं की लेकिन कहा कि कुछ चरमपंथियों की मौत ज़रुर हुई है. नागरिकों के अनुसार इस हमले में तीन नागरिक मारे गए हैं. मोहमंद क्षेत्र के लकारो और पंडायली ज़िलों में कुछ गांवों को सेना ने निशाना बनाया था जिनके बारे में कहा जाता है कि वहां चरमपंथी छुपे थे. इस महीने की शुरुआत में संदिग्ध चरमपंथियों ने मोहमंद के ममाद घाट इलाक़े के कुछ चेक पोस्टों पर हमला कर के छह सैनिकों को मार दिया था. मोहमंद इलाक़े में इन हमलों के कारण संचार व्यवस्था पूर तरह ठप हो चुकी है और किसी भी तरह के दावों की स्वतंत्र पुष्टि करना अत्यंत कठिन माना जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें इस्लामाबादः विस्फोट में 19 की मौत06 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान को लेकर अमरीकी चिंता11 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस ख़ैबर इलाक़े में शांति समझौता10 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'सभी विकल्प खुले रखे हैं भारतीय सेना ने'14 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस तालेबान की धमकी के बाद स्कूल बंद16 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान ने ख़ैबर दर्रे को बंद किया19 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस स्वात के स्कूलों पर तालेबान का क़हर19 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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