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पाकिस्तान ने ख़ैबर दर्रे को बंद किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में अंतरराष्ट्रीय गठबंधन सेना को ईंधन और अन्य सामग्री पहुँचाने के लिए पाकिस्तान के जिस अहम रास्ते का उपयोग किया जाता है उसे बंद कर दिया गया है. ये जानकारी पाकिस्तानी अधिकारी ने दी. संदिग्ध चरमपंथियों ने एक सैन्य शिविर पर हमला किया है जिसमें एक सैनिक की मौत हो गई है. इसके बाद ख़ैबर दर्रे को बंद कर दिया गया है. चरमंथी हमलों में हाल के दिनों में बढ़ोत्तरी हुई है और इस कारण ये दर्रा पहले भी कई बार बंद किया जा चुका है. पिछले साल दिसंबर में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने इस रास्ते से चरमपंथियों का सफ़ाया करने की मुहिम चलाई थी. अफ़ग़ानिस्तान में गठबंधन सेना तक सामग्री पहुँचाने के लिए ख़ैबर दर्रा अहम रास्ता है. सेना को करीब 75 फ़ीसदी सप्लाई पाकिस्तान के रास्ते से ही मिलती है. इलाक़े से एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि सैन्य शिविर पर हमले के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया है. बच्चा खान ने रॉयटर्स को बताया," हम हमले की तैयारी कर रहे हैं, ख़ैबर दर्रे के मुख्य कस्बों में कर्फ़्यू लगा दिया है. सीमा भी बंद कर दी गई है." अफ़ग़ानिस्तान की ओर जाने वाले ट्रकों और सामान को कई बार ख़ैबर दर्रे इलाक़े में हथियाने की कोशिश की जा चुकी है. दिसंबर में पाकिस्तान सरकार ने करीब एक हफ़्ते तक यहाँ से काफ़िलों के आने-जाने पर रोक लगा दी थी. चरमपंथियों ने वहाँ 12 ट्रकों को अपने क़ब्ज़े में ले लिया था. सैन्य अधिकारी किसी वैकल्पिक रास्ते की तलाश में हैं. अफ़ग़ानिस्तान में विदेशी सैनिकों के लिए सामग्री पहले पाकिस्तान में कराची की बंदरगाह भेजी जाती है और उसके बाद ख़ैबर दर्रे या ब्लूचिस्तान में चमन के ज़रिए उसे सीमा पार अफ़ग़ानिस्तान पहुँचाया जाता है. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ानिस्तान में 17 चरमपंथी मारे गए31 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'चरमपंथ पर भारत-अफ़ग़ानिस्तान एकजुट'11 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस हवाई हादसे में अफ़ग़ान जनरल की मौत15 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस जर्मन दूतावास के बाहर बड़ा धमाका17 जनवरी, 2009 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान ने मुख्य मार्ग बंद किया30 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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