|
पाकिस्तान ने मुख्य मार्ग बंद किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान ने चरमपंथियों पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से अफ़ग़ानिस्तान जाने वाले एक प्रमुख मार्ग को बंद कर दिया है. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि ख़ैबर दर्रे के इलाक़े में मंगलवार को सेना ने टैंकों और हेलिकॉप्टरों की सहायता से कार्रवाई शुरु कर दी है. अफ़ग़ानिस्तान में तैनात अमरीकी और अन्य सैन्य बलों को सामान पहुँचाने का यह एक प्रमुख रास्ता है. हाल के महीनों में अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान से लड़ रहे अमरीकी सैनिकों को सामान पहुँचाने जा रहे ट्रकों को चरंमपंथियों ने क़ब्ज़े में ले लिया था और उन पर हमले किए थे. अमरीकी हमले ख़ैबर के प्रमुख अधिकारी तारिक़ हयात ने बताया, "जब तक हम चरमपंथियों से इस इलाक़े को मुक्त नहीं करवा लेते तब तक नैटो की सेनाओं को सामान नहीं पहुँचाया जा सकेगा." हयात का कहना था कि इस इलाक़े में कर्फ़्यू लगा दिया गया है और अफ़ग़ानिस्तान बॉर्डर तक जाने वाली मुख्य सड़क को बंद कर दिया गया है. उन्होंने बताया कि सेना ने चरमपंथियों के 26 ठिकानों की पहचान की है. नैटो का कहना है कि सामान पहुँचाने के अन्य रास्ते भी हैं लेकिन पाकिस्तान से अफ़ग़ानिस्तान को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग यही है. हाल में हज़ारों लोगों ने पेशावर में प्रदर्शन कर पाकिस्तान पर अमरीकी हमले बंद करने की माँग की. साथ ही उनका कहना था कि अफ़ग़ानिस्तान जाने वाले इस मार्ग को बंद किया जाए. ग़ौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान के बॉर्डर इलाक़े में चालक रहित अमरीकी विमानों ने कई हमले किए हैं जिसका पाकिस्तान सरकार ने विरोध किया है. | इससे जुड़ी ख़बरें चरमपंथियों ने ट्रक छोड़े, पर सामान गायब11 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तानी राजदूत रिहा हुए17 मई, 2008 | भारत और पड़ोस ख़ैबर इलाक़े में शांति समझौता10 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस सैन्य आपूर्ति वाले ट्रक जलाए गए07 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े24 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||