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तनाव के बीच पाक परिवार की मीठी यादें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के बीच बेशक़ तनाव बढ़ा है लेकिन दोनों ओर कुछ लोग अपने दम पर रिश्तों में मिठास घोलने का प्रयास कर रहे है. तनाव के इस वातावरण में कराची के जमील अहमद इलाज के लिए जयपुर आए तो डॉक्टरों ने उन्हें न केवल अपनेपन का स्नेह दिया, बल्कि उनका ऑपरेशन कर उन्हें ठीक करने की कोशिश भी की. अब डॉक्टर और जमील दोनों कह रहे हैं कि अवाजाही का ये सिलसिला रुकना नहीं चाहिए, बल्कि बढ़ना चाहिए. रिश्ते मज़बूत हों रीढ़ की हड्डी में टूट से अपाहिज होकर बिस्तर पर पड़े जमील ने आपरेशन के बाद कहा, "अब मुझे आराम है. मैं अपने वतन लोटकर लोगों को बताऊँगा की जंग नहीं, हमें परस्पर रिश्तों को मज़बूत बनने वाले क़दम उठाने चाहिए." कोई एक साल पहले जमील एक दुर्घटना का शिकार हुए और उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई. कराची में उनके तीन ऑपरेशन हुए. मगर कोई राहत नहीं मिली. जयपुर में उनकी रिश्तेदार अन्नो ने उन्हें जयपुर आने का न्यौता दिया. उन्होंने जयपुर में इलाज कराया और अब ख़ुश हैं. जमील का ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर कमल गोयल कहते है,"मुझे गर्व है की मैंने अपने पड़ोसी मुल्क के नागरिक का आपरेशन कर उन्हें ठीक होने मे मदद की है." अब जमील तीन घंटे तक बिस्तर पर बैठ सकते हैं. पहले थोडी देर में ही उन्हें दर्द होने लगता था. उम्मीद की जा रही है कि यदि सब ठीक रहा तो वे 'क्लिपर' की मदद से चल भी पाएंगे. डॉक्टर गोयल कहते हैं, " दोनों देशों के डॉक्टरों का आना-जाना बढ़ना चाहिए. हम वहाँ के डॉक्टरों को प्रशिक्षण दें, ताकि वहाँ के मरीजों को भी आधुनिक चिकिस्त्सा का फ़ायदा मिले." सुरक्षा के बजाए कल्याण जमील कहते है, " दोनों देशों को अपना पैसा सेना और सुरक्षा पर खर्च करने की जगह आम अवाम के कल्याण पर ख़र्च करना चाहिए." जमील जब भारत का रुख़ कर रहे थे तो उन्हें बढ़ते तनाव ने डरा दिया. वो कहते हैं, ''यहाँ सब का प्यार मिला. मैं लोटकर लोगों को बताऊँगा की लोग सब जगह अच्छे हैं. मैं दुआ करता हूँ की दोनों देशों के रिश्तों में बेहतरी आए और मेरे जैसे और लोगों को भी यहाँ के इलाज का लाभ मिले. " रेहाना अपने पति के साथ भारत आई हैं. वो कहती हैं, "पहले थोड़ा मन में डर था की दोनों देशों में तल्ख़ी आई है, कहीं हमें परेशानी न आ जाए, पर यहाँ सबने दिल खोलकर हमारी मदद की. " जयपुर में रेहाना की रिश्तेदार अन्नो कहती हैं, "जब मैंने इन लोगों को जयपुर आने की दावत दी तो मेरे दिन में भारत-पाकिस्तान के रिश्तों के बारे में अच्छाई ही थी. इससे भारत की शान बढ़ी है." |
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