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'कश्मीर पर मध्यस्थ की गुंजाइश नहीं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के विदेश मंत्री मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि कश्मीर समस्या के समाधान के लिए किसी मध्यस्थ की गुंजाइश नहीं है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी के साथ बुधवार की शाम दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुखर्जी ने कहा, " कश्मीर एक द्विपक्षीय मामला है और इस समस्या का समाधान बातचीत के ज़रिए निकाला जाएगा. ये विषय समग्र वार्ता का हिस्सा है इसलिए किसी तीसरे पक्ष की हिस्सेदारी का प्रश्न नहीं उठता." मुखर्जी ने ये बाते तब कही जब संवाददाताओं ने उनका ध्यान उन ख़बरों की तरफ़ दिलाया जिसके अनुसार अमरीका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बराक ओबामा कश्मीर समस्या के समाधान के लिए पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन को विशेष दूत नियुक्त करने पर विचार कर रहे हैं. मक़सद ग़ौरतलब है कि पाकिस्तन के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी चार दिवसीय दौरे पर भारत में हैं. कुरैशी ने कहा कि इस दौरे का मक़सद भारत के साथ दोस्ताना संबंध बनाना है. दोनों नेताओं ने इस क्षेत्र में शांति के लिए अच्छे संबंधों पर ज़ोर दिया. शाह महमूद कुरैशी ने अपने इस दौरे में भारतीय विदेश मंत्री के साथ हुई बैठक में पिछले कई वर्षों से चल रही 'व्यापक वार्ता' की समीक्षा की है और विश्वास बहाली के उपायों पर विचार किया. आतंकवाद, कश्मीर, सियाचिन, सर क्रीक, व्यापार और नदियों के पानी के बँटवारे जैसे विषयों पर भी बातचीत हुई. ये बातचीत एक सौहार्द्रपूर्ण माहौल में एक ऐसे समय पर हुई है जब पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी ने पिछले शनिवार को कहा था कि वो भारत के ख़िलाफ़ परमाणु बम का इस्तेमाल पहले नहीं करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर करने के लिए सुलह का रास्ता अपनाएँगे. घुसपैठ में कमी दूसरी तरफ़ पिछले कुछ महीनों में भारत-पाक सीमा पर घुसपैठ में कमी आई है और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा के दो चरणों का चुनाव भी शांतिपूर्ण रहा है. पिछले महीने नियंत्रण रेखा को व्यापार के लिए खोलने के बाद दोनों पक्ष विश्वास बहाली के उपायों को और आगे दिशा देने के लिए दोनों देशों की जनता के लिए कुछ और तीर्थ स्थानों पर आने-जाने की इजाज़त दे सकते हैं. उधर भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक पार्टी पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री की दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इससे नियंत्रण रेखा पर नए दौर की शुरुआत होगी. पार्टी के प्रमुख जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ़्ती मोहम्मद सईद ने एक बयान जारी कर कहा, "ये दौरा धीमी पड़ती शांति प्रक्रिया को फिर से जीवन देने में सफल होगा." ग़ौरतलब है कि पिछले महीने श्रीनगर- मुज़फ़्फ़राबाद और पुंछ- रावलाकोट के बीच सड़क मार्ग को व्यापार के लिए खोला गया था. हालांकि नियंत्रण रेखा पर व्यापार में कुछ ऐसी शर्तें हैं जिससे रुकावटें आती हैं. सईद की माँग है कि नियंत्रण रेखा के आर-पार व्यापार को बढ़ावा दिया जाए और इसे लाभदायक बनाया जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत-पाक गृह सचिवों की बातचीत शुरु25 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'मैं परमाणु हथियारों का विरोधी हूँ'22 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीर का हल बातचीत से ही10 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान कराएगा दूतावास हमले की जाँच02 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस भारत-पाक वार्ता 20 मई से फिर शुरू09 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस राजस्थान-सिंध बस सेवा शुरु होने की आस01 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस 'आशा हो, तभी ज़िंदा रह सकते हैं' 04 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस वाघा सीमा पर जनरल अटारी की प्रतिमा14 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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