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भारत-पाक गृह सचिवों की बातचीत शुरु | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के गृह सचिवों की बातचीत मंगलवार को इस्लामाबाद में शुरु हो गई है. बातचीत के दौरान जिन मुद्दों पर चर्चा होनी है, उनमें सुरक्षा, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी और जेलों में बंद क़ैदियों की रिहाई शामिल हैं. दोनों पक्षों के गृह सचिवों की ये चर्चा चार साल पहले शुरु हुई भारत-पाक वार्ता के दौरान पाँचवें चरण की बातचीत का हिस्सा है. इससे पहले इस साल जुलाई में भारत-पाक गृह सचिवों की बातचीत दिल्ली में हुई थी जिसके दौरान वीज़ा नियमों को और लचीला बनाने और वाणिज्य दूतावास खोले जाने के मुद्दों पर चर्चा हुई थी. भारतीय गृह सचिव मधुकर गुप्त के नेतृत्व में भारत का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल वाघा-अटारी के रास्ते होते हुए सोमवार को पाकिस्तान पहुँचा. गुप्ता पाकिस्तान के आंतरिक मामलों के सचिव सईद कमाल शाह के साथ बातचीत करे रहे हैं. 'आतंकवाद, तस्करी, क़ैदियों की रिहाई' समाचार एजेंसियों के अनुसार भारतीय गृह सचिव मधुकर गुप्त ने कहा है, "इस बातचीत का मकसद दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर रिश्ते सुधारना है." उनका कहना था, "इस चरण की समग्र बातचीत का एक पहलू सुरक्षा, आतंकवाद, मादक पदार्थों की तस्करी, एक-दूसरे की जेलों में बंद क़ैदियों की रिहाई, मधुआरें की रिहाई और वीज़ा नियमों का है." समाचार एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान ने 99 मधुआरों समेत 101 भारतीय क़ैदियों को जेल से रिहा करने की घोषणा की है. ग़ौरतलब है कि भारत पहले ही 29 पाकिस्तानी क़ैदियों को रिहा कर चुका है. |
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