BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 15 नवंबर, 2006 को 12:18 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
भारत-पाक संयुक्त बयान-नवंबर 2006
रियाज़ मोहम्मद ख़ान और शिव शंकर मैनन
दूसरे दिन की बातचीत ख़त्म होने पर ही विस्तृत जानकारी सामने आएगी
भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापक शांति प्रक्रिया के तहत 14 और 15 नवंबर को विदेश सचिव स्तर की बातचीत दिल्ली में हुई जिसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व शिवशंकर मेनन और पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व रियाज़ मोहम्मद ख़ान ने किया.

बुधवार को दो दिन की बातचीत समाप्त होने के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया जो इस तरह है -

1. इस बयान में कहा गया है कि व्यापक शांति प्रक्रिया के इस तीसरे दौर में शांति और सुरक्षा, आपसी विश्वास बढ़ाने वाले क़दमों, जम्मू कश्मीर, सियाचिन, सर क्रीक, आतंकवाद और नशीले पदार्थों की तस्करी, आर्थिक और वाणिज्यिक सहयोग और विभिन्न क्षेत्रों में दोस्ताना माहौल को बढ़ावा देने वाले उपायों पर विचार किया गया. बातचीत को दोस्ताना और सकारात्मक माहौल में संपन्न बताया गया है.

2. जम्मू कश्मीर के मुद्दे पर आपसी विश्वास बढ़ाने और मतभेद कम करने की हवाना संयुक्त प्रेस वक्तव्य की भावना के अनुरूप विचार किया गया. वास्तविक नियंत्रण रेखा के दोनों तरफ़ बातचीत और आपसी सहयोग बढ़ाने के उपाय लागू करने पर सहमति हुई. इन उपायों में व्यापार के लिए ट्रक सेवा जल्दी शुरू करना भी शामिल है.

3. हवाना संयुक्त प्रेस वक्तव्य की भावना को आगे बढ़ाते हुए आतंकवाद और इसका मुक़ाबला करने के असरदार तरीक़ों पर चर्चा हुई. बातचीत में आतंकवाद का मुक़ाबला करने के लिए तीन सदस्यों वाला एक पैनल बनाने पर सहमति हुई जिसकी अध्यक्षता भारतीय विदेश मंत्रालय के एक अतिरिक्त सचिव और पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव करेंगे. यह पैनल आतंकवाद निरोधक उपायों पर विचार करेगा जिनमें नियमित रूप से ख़ुफ़िया जानकारी का आदान-प्रदान करना भी शामिल होगा.

4. दोनों विदेश सचिवों ने सियाचिन पर भी बातचीत की.

5. दोनों पक्ष विशेषज्ञ स्तर की एक बैठक 22-23 दिसंबर 2006 को करने पर सहमत हुए. उस बैठक में सर क्रीक और आसपास के क्षेत्र के संयुक्त सर्वेक्षण के बारे में तालमेल के बारे में बारीकियों पर विचार किया जाएगा. उसी बातचीत में समुद्री जल सीमा पर भी विचार कियाजाएगा. संयुक्त सर्वेक्षण फ़रवरी 2007 तक पूरा कर लिया जाएगा.

6. दोनों पक्षों ने परमाणु हथियारों से संबंधित दुर्घटनाओं का ख़तरा कम करने पर सहमति के लिए पहल दिखाई. दोनों ही पक्ष इस मामले में जल्द ही कोई समझौता करने पर राज़ी हुए. दोनों ही पक्षों ने बैलिस्टिक मिसाइलों की परीक्षण उड़ानों की पूर्व सूचना देने वाले समझौते के क्रियान्वयन पर संतोष व्यक्त किया.

7. दोनों पक्षों ने पाकिस्तान मैरीटाइम एजेंसी और भारतीय कोस्ट गार्ड के बीच 14 नवंबर को संचार हॉटलाइन शुरू किए जाने का स्वागत किया.

8. एक दूसरे के ऐसे मछुआरों और क़ैदियों को 25 दिसंबर 2006 तक रिहा कर दिया जाएगा जिनकी राष्ट्रीय पहचान की पुष्टि हो चुकी है और जिन्होंने अपनी सज़ा पूरी कर ली है.

9. दोनों पक्षों ने 1982 में किए गए कोंसुलर सेवाओं से संबंधित प्रोटोकोल की प्रगति की समीक्षा की. दोनों पक्ष एक दूसरे के ऐसे क़ैदियों की रिहाई पर भी ग़ौर करने पर सहमत हुए जो मामूली आरोपों में बंदी बनाए गए हैं.

शिवशंकर मेनन और रियाज़ मोहम्मद ख़ान
दोनों विदेश सचिव फ़रवरी 2007 में फिर मिलने पर सहमत हुए

10. दोनों देशों के बीच दोस्ताना विचारों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी सहमति हुई. दोनों देशों के बीच वीज़ा समझौते को भी जल्दी ही अंतिम रूप दिए जाने पर सहमति हुई. इसके अलावा 1974 के द्विपक्षीय प्रोटोकोल में धार्मिक स्थलों की सूची बढ़ाने पर सहमति हुई जिन्हें देखने के लिए एक दूसरे के नागरिक यात्रा करते हैं.

11. दोनों विदेश सचिवों ने आपसी फ़ायदे वाले आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने की महत्ता पर भी ज़ोर दिया.

12. दोनों पक्षों ने मुंबई और कराची में अपने वाणिज्यिक दूतावास जल्दी ही खोले जाने के लिए उत्सुकता दिखाई.

13. दोनों ही पक्ष जहाज़रानी सेवाओं पर संशोधित प्रोटोकोल पर जल्दी ही दस्तख़त करने के लिए सहमति व्यक्त की.

14. विदेश सचिव फ़रवरी 2007 में फिर इस्लामाबाद में मिलने पर राज़ी हुई और उस बैठक में व्यापक शांति प्रक्रिया का अगला दौर शुरू होगा.

15. पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज़ मोहम्मद ख़ान ने अपनी भारत यात्रा के तहत विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी से भी मुलाक़ात की.

इससे जुड़ी ख़बरें
आतंकवाद के मुक़ाबले के लिए सहमति
15 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
भारत-पाक समुद्री व्यापार हुआ बहाल
27 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस
आरोप-प्रत्यारोप से बढ़ा है अविश्वास
02 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस
कश्मीर पर बात ज़रूरी:कसूरी
16 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
इंटरनेट लिंक्स
बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है.
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>