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'विस्फोटों का संबंधों पर असर पड़ा है' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि गत 11 जुलाई को मुंबई में हुए धमाकों का असर भारत-पाकिस्तान संबंधों पर पड़ा है. इन विस्फोटों को लेकर लोगों की नाराज़गी का संकेत देते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि यह अपरिहार्य है कि इस त्रासदी का असर पाकिस्तान के साथ रिश्तों में दिखाई पड़े. उल्लेखनीय है कि गत 11 जुलाई को मुंबई की ट्रेनों में हुए विस्फोटों में कम से कम 200 लोग मारे गए थे और सैकड़ों अन्य घायल हो गए थे. सेंट पीटर्सबर्ग से लौटते हुए पत्रकारों से हुई चर्चा में उन्होंने कहा, "हम सभी विकल्पों पर विचार करेंगे." हालांकि उन्होंने इन विकल्पों के बारे में कोई चर्चा नहीं की. भारत और पाकिस्तान के बीच 20-21 जुलाई को होने वाली विदेश सचिव स्तर की वार्ता स्थगित किए जाने के बाद अगले क़दम पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि वे नहीं समझते कि इससे दोनों देशों के बीच चल रही बातचीत पर नकारात्मक असर होगा. उनका कहना था कि दक्षिण एशियाई देशों के लोगों का प्रारब्ध आपस में जुड़ा हुआ है. भारत और अमरीका के बीच हुई परमाणु सहमति की पहली वर्षगाँठ पर उन्होंने दोहराया कि भारत कोई नई रियायत नहीं देने जा रहा है. उन्होंने विश्वास जताया कि अमरीका सहमति के अंतर्गत ही कार्य करेगा और भारत की चिंताओं का ख़याल रखेगा. | इससे जुड़ी ख़बरें कलाम के नेतृत्व में मृतकों को श्रद्धांजलि18 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई धमाके: गुप्तचर एजेंसियों पर सवाल14 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस कसूरी के इंटरव्यू पर हुआ विवाद12 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई धमाकों का वीडियो11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस धमाके कायरतापूर्ण कोशिश:मनमोहन11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस खुफिया तंत्र की विफलता: विशेषज्ञ11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस मुंबई में सात धमाके, 170 मौतें11 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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