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श्रीलंका सेनाएं जाफ़ना के पास पहुंची | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका सेना ने तमिल विद्रोहियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई और तेज़ कर दी है और सेनाएं जाफ़ना प्रांत को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले सामरिक रुप से महत्वपूर्ण एलिफेंट दर्रे के पास तक पहुंच चुकी है. श्रीलंकाई सेना के प्रवक्ता उदय ननायक्कारा का कहना था कि सेना ने एलिफेंट पास के दक्षिणी हिस्से पर नियंत्रण कर लिया है. उन्होंने कहा, '' सैनिकों ने विद्रोहियों का जमकर मुकाबला किया और अभी भी अभियान चल रहा है ताकि हम पूरे इलाक़े पर अपना नियंत्रण कर सकें.'' रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार सेना ने कुरीनचट्टीव गांव पर नियंत्रण करने के बाद थामिलामादम में प्रवेश कर लिया है और ये दोनों गांव एलिफेंट पास के दक्षिणी मुहाने पर हैं. श्रीलंका सरकार का कहना है कि शुक्रवार को तमिल विद्रोहियों लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम ( एलटीटीई) के मुख्यालय माने जाने वाले किलीनोच्चि शहर पर कब्ज़े के बाद सेना और आगे बढ़ चुकी है. सेनाओं के एलिफेंटा पास के निटक तक पहुंचने के बारे में अभी तक तमिल विद्रोहियों की ओर से कोई टिप्पणी नहीं आई है. उल्लेखनीय है कि 2000 से अबतक एलिफेंटा पास पर एलटीटीई का कब्ज़ा रहा है. अगर एलिफेंटा पास पर सेना का नियंत्रण हो जाता है तो यह एलटीटीई के लिए बड़ा झटका होगा क्योंकि इसके बाद एलटीटीई के पास छुपने के लिए एकमात्र मुलातिवु के जंगल रह जाएंगे. हालांकि सरकारी सेना ने मुलातिवु पर भी आक्रमण किया है और शनिवार को सामरिक रुप से महत्वपूर्ण ओडडुसुडन गांव पर नियंत्रण कर लिया था. इस बीच सोमवार को दिन में तमिल विद्रोहियों की समर्थक वेबसाइट तमिलनेट ने ख़बर दी कि एलटीटीई ने मुलातिवु के पास संघर्ष में श्रीलंका सेना के '53 सैनिकों' को मार डाला है. हालांकी सेना की ओर से इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है और सेना यह स्वीकार नहीं कर रही है कि एलटीटीई लड़ाकों के साथ संघर्ष में सेना के जवान बड़ी तादाद में हताहत हुए हैं. विद्रोहियों के एक बयान में कहा गया है कि ये सैनिक मुलैतिवु जाने वाली मुख्य सड़क पर हो रही लड़ाई में मारे गए हैं, जिसे अब भी विद्रोहियों के कब्ज़े में माना जा रहा है. एलटीटीई पिछले कई दशकों से श्रीलंका में तमिलों के लिए अलग राष्ट्र की मांग करता रहा है और खूनी संघर्ष चलाता रहा है लेकिन पिछले साल युद्धविराम समाप्त होने के बाद सरकारी सेना ने एलटीटीई के ख़िलाफ़ ज़बर्दस्त अभियान छेड़ दिया है और अब उन्हें इसमें सफलता मिलती दिख रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें संघर्ष में '90 श्रीलंकाई सैनिकों' की मौत 11 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका का अहम नगर पर कब्ज़े का दावा15 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंकाः 14 विद्रोहियों को मारने का दावा01 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस भारत-श्रीलंका के बीच विचार विमर्श26 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस उत्तरी श्रीलंका में भीषण लड़ाई जारी25 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस किलीनोची के गांव पर सेना का कब्ज़ा20 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंकाः आत्मघाती हमले में 27 की मौत06 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस उत्तरी श्रीलंका से दो लाख लोग विस्थापित04 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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