|
हमले में 20 अफ़ग़ान पुलिसकर्मी मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में अधिकारियों के मुताबिक़ हेलमंद प्रांत में तालेबान के हमले में 20 पुलिसकर्मी मारे गए हैं. ये हमला मूसा क़ला में एक स्थानीय राजनेता के घर पर हुआ है. बुधवार को ये हमला उस वक़्त हुआ है जब पुलिस वाले खाना खा रहे थे. अधिकारियों के अनुसार एक पुलिस वाले की माँ भी इस हमले में मारी गई हैं जो अपने बेटे की जान की सलामती के लिए दुआ करने वहाँ आई थी. मूसा क़ला के ज़िला प्रमुख मुल्ला सलाम इस हमले में बच गए हैं. जो हमले के समय घर पर नहीं थे. तालेबान भी मारे गए तालेबान के प्रवक्ता के अनुसार हमले के दौरान दो तालेबान लड़ाके भी मारे गए हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि तालेबान लड़ाके और अफ़ग़ान पुलिस के बीच काफ़ी देर तक लड़ाई चली. संवाददाता के अनुसार कई पुलिसवालों का संबंध आस-पास के इलाक़ों से है. ये हमला ऐसे इलाक़े में हुआ है जहाँ चरमपंथी बेख़ौफ़ हो कर हमले करते हैं और शहर से बाहर अफ़ग़ान पुलिस की पहुँच सीमित है. इस बीच एक अन्य घटना में नैटो के दो फ़ौजी भी मारे गए हैं. हाल में तालेबान ने सरकारी सुरक्षाकर्मियों पर कई हमले किए हैं. अफ़ग़ानिस्तान में पुलिस की नौकरी काफ़ी जोखिम भरा माना जाता है. वर्ष 2008 में 1000 से अधिक पुलिसकर्मी चरमपंथी हमले में मारे गए है. | इससे जुड़ी ख़बरें अफ़ग़ानिस्तान में 17 चरमपंथी मारे गए31 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस कंधार में आत्मघाती हमला, पाँच मरे27 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस चार ब्रितानी सैनिक मारे गए13 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान: 'नई रणनीति की ज़रूरत'21 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान ने करज़ई की पेशकश ठुकराई17 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान के साथ बातचीत की ख़बर!07 अक्तूबर, 2008 | पहला पन्ना ख़त्म नहीं हुआ है तालेबान09 सितंबर, 2005 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||