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ख़ुफ़िया एजेंसियाँ विफल रहीं: चिदंबरम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के गृह मंत्री पी चिदंबरम ने माना है कि मुंबई हमलों में ख़ुफ़िया एजेंसियों की असफलता रही लेकिन उन्होंने जनता से अनुरोध किया है कि वह 'सरकार का साथ दे क्योंकि सरकार आतंक को जड़ से उखाड़ फेंकने पर दृढ़ संकल्प है.' मुंबई में हाल में हुए चरमपंथी हमलों में 180 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और लगभग तीन सौ घायल हो गए. सुरक्षा बलों को चरमपंथियों के साथ लगभग 60 घंटे की मुठभेड़ करनी पड़ी थी. महत्वपूर्ण है कि इन हमलों के बाद शिवराज पाटिल ने गृह मंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. इसके बाद पी चिदंबरम को वित्त मंत्रालय की जगह गृह मंत्रालय का कार्यभार सौंपा गया था. इन हमलों के बाद पहली बार मुंबई में पत्रकारों को संबोधित करते हुए चिदंबरम ने कहा, "ये भारत के अस्तित्व पर हमला है. ये भारत की आत्मा पर हमला है. हमें इन चुनौतियों का पक्के इरादे के साथ सामना करना है. मुझे शक़ नहीं कि मुंबई ही भारत को रास्ता दिखाएगा." उन्होंने सुरक्षाकर्मियों की सराहना की और उन्हें श्रद्धांजलि दी. चिदंबरम ने माना कि बेशक़ ख़ुफ़िया जानकारी पाने में ख़ामियाँ रहीं लेकिन उनकी जाँच हो रही है और सुरक्षा प्रणाली को जल्द ही बेहतर बनाया जाएगा. उन्होंने कहा कि अभी उन्होंने कोई फ़ैसला नहीं किया लेकिन जल्द ही सुरक्षा स्थिति को बेहतर बनाने के लिए उपाय किए जाएँगे. |
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