|
'लिपस्टिक लगानेवालों का विरोध' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों पर जनता के आक्रोश को भारतीय जनता पार्टी के नेता मुख्तार अब्बास नक़वी ने प्रायोजित बताया. उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रही जनता की तुलना अलगाववादियों से की. पत्रकारों से बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि मुंबई में जनता का गुस्सा नेताओं पर फूट रहा है तो इसके जवाब में नक़वी ने कहा कि हमारी कुछ महिलाएँ लिपस्टिक और पावडर लगाकर हाथ में मोमबत्ती लिए पश्चिमी सभ्यता के साथ नेताओं को गाली दे रही हैं, ये ठीक वैसा ही है जैसा अलगाववादी करते हैं. उन्होंने कहा कि अलगाववादी भी लोकतंत्र के प्रति लोगों में अविश्वास पैदा करते हैं. उनका कहना था कि विरोध प्रदर्शन कर रहे इन लोगों की जांच होनी चाहिए कि आखिर ये कौन लोग हैं और उनका संबंध किससे है. पत्रकारों ने जब नक़वी से ये जानना चाहा कि क्या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख का ताजमहल होटल के दौरे पर फ़िल्मकार रामगोपाल वर्मा को साथ ले जाना सही था, तो नक़वी ने कहा इस मामले को तूल देकर जबरन मुद्दा बनाया जा रहा है और ये कोई बड़ी बात नहीं है. नक़वी के इस बयान से भाजपा मुश्किल में आ गई है. इसके तुरंत बाद भाजपा नेता राजीव प्रताप रूड़ी ने बयान जारी किया कि ये नक़वी के अपने विचार हैं और भाजपा का इससे कोई लेना देना नहीं है. उनका कहना था कि चरमपंथ के ख़िलाफ़ नेताओं और सरकारों को कड़े क़दम उठाने ही होंगे. जब तक ये नहीं होगा, आम आदमी का गुस्सा शांत नहीं होगा. |
इससे जुड़ी ख़बरें आरआर पाटिल गए, देशमुख भी जाएँगे?01 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'सरकार को सत्ता में रहने का हक़ नहीं'30 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस मुंबई के सभी हमलावर पाकिस्तानी: अहमद01 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस बेटे और रामू को घुमाने पर देशमुख की सफ़ाई01 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'वे हमारी ज़मीन में दफ़न नहीं हो सकते'01 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस गृहमंत्री नहीं बनना चाहता था: चिदंबरम01 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||