BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
सोमवार, 01 दिसंबर, 2008 को 19:45 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
'लिपस्टिक लगानेवालों का विरोध'
नक़वी
भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नक़वी ने जनता के आक्रोश को प्रायोजित बताया
मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों पर जनता के आक्रोश को भारतीय जनता पार्टी के नेता मुख्तार अब्बास नक़वी ने प्रायोजित बताया.

उन्होंने विरोध प्रदर्शन कर रही जनता की तुलना अलगाववादियों से की.

पत्रकारों से बातचीत में जब उनसे पूछा गया कि मुंबई में जनता का गुस्सा नेताओं पर फूट रहा है तो इसके जवाब में नक़वी ने कहा कि हमारी कुछ महिलाएँ लिपस्टिक और पावडर लगाकर हाथ में मोमबत्ती लिए पश्चिमी सभ्यता के साथ नेताओं को गाली दे रही हैं, ये ठीक वैसा ही है जैसा अलगाववादी करते हैं.

 हमारी कुछ महिलाएँ लिपस्टिक और पावडर लगाकर हाथ में मोमबत्ती लिए पश्चिमी सभ्यता के साथ नेताओं को गाली दे रही हैं, ये ठीक वैसा ही है जैसा अलगाववादी करते हैं
मुख्तार अब्बास नक़वी, भाजपा नेता

उन्होंने कहा कि अलगाववादी भी लोकतंत्र के प्रति लोगों में अविश्वास पैदा करते हैं.

उनका कहना था कि विरोध प्रदर्शन कर रहे इन लोगों की जांच होनी चाहिए कि आखिर ये कौन लोग हैं और उनका संबंध किससे है.

पत्रकारों ने जब नक़वी से ये जानना चाहा कि क्या महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख का ताजमहल होटल के दौरे पर फ़िल्मकार रामगोपाल वर्मा को साथ ले जाना सही था, तो नक़वी ने कहा इस मामले को तूल देकर जबरन मुद्दा बनाया जा रहा है और ये कोई बड़ी बात नहीं है.

नक़वी के इस बयान से भाजपा मुश्किल में आ गई है.

इसके तुरंत बाद भाजपा नेता राजीव प्रताप रूड़ी ने बयान जारी किया कि ये नक़वी के अपने विचार हैं और भाजपा का इससे कोई लेना देना नहीं है.

उनका कहना था कि चरमपंथ के ख़िलाफ़ नेताओं और सरकारों को कड़े क़दम उठाने ही होंगे. जब तक ये नहीं होगा, आम आदमी का गुस्सा शांत नहीं होगा.

मेजर संदीपनेताओं पर गुस्सा
मेजर संदीप के पिता का गुस्सा केरल के मुख्यमंत्री पर भड़का.
'इसमें कुछ ग़लत नहीं'
रामगोपाल वर्मा और रितेश देशमुख को घुमाने पर मुख्यमंत्री ने सफ़ाई दी.
इससे जुड़ी ख़बरें
आरआर पाटिल गए, देशमुख भी जाएँगे?
01 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
'सरकार को सत्ता में रहने का हक़ नहीं'
30 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
मुंबई के सभी हमलावर पाकिस्तानी: अहमद
01 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
'वे हमारी ज़मीन में दफ़न नहीं हो सकते'
01 दिसंबर, 2008 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>