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पाक में मुंबई मामले पर सर्वदलीय बैठक | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मुंबई में हुए चरमपंथी हमलों के बाद भारत के पाकिस्तान पर उँगली उठाने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के सक्रिय हो जाने से पाकिस्तान ख़ासे दबाव में है. अमरीका ने भी कहा है कि पाकिस्तान भारत से सहयोग करे. दबाव महसूस करते हुए पाकिस्तान ने न केवल संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून और सदस्य देशों को पत्र लिखा है बल्कि मंगलवार को देश में प्रधानमंत्री युसुफ़ रज़ा गिलानी के नेतृत्व में एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है. पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने समाचार एजेंसियों के बताया, "सर्वदलीय बैठक का मक़सद पाकिस्तान के नेतृत्व से विचार विमर्श करना और पाकिस्तानी जनता को ये संदेश देना है कि राजनीतिक नेतृत्व एकजुट है. राष्ट्रीय हित और सुरक्षा के मुद्दे पर सभी दल राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठ सकते हैं." सर्वदलीय बैठक में भाग लेने वाले एक नेता निसार अली ख़ान ने बीबीसी से कहा, "भारत और पाकिस्तान परमाणु शक्तियाँ हैं. उनके पास बातचीत के अलावा कोई और विकल्प नहीं है. ये नेतृत्व के लिए परीक्षा की घड़ी है और हम शांति कायम रखने के लिए सब कुछ करना चाहते हैं." 'आरोप-प्रत्यारोप से दुनिया का नुक़सान' उधर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री युसुफ़ रज़ा गिलानी ने मीडिया को बताया, "भारत ने चरमपंथी संगठन और वो कहाँ स्थित हैं, इस बारे में जानकारी दी है लेकिन कोई सबूत पेश नहीं किया है. लश्करे तैय्यबा काफ़ी बड़ा संगठन है...भारत वहाँ मुश्किलें झेल रहा है, हम यहाँ मुश्किल में हैं. हमें संयुक्त तौर पर उग्रवाद का सामना करना चाहिए. आरोप-प्रत्यारोप से दुनिया का ही नुकसान होगा."
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार संयुक्त राष्ट्र को संबोधित पत्र में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल्ला हुसैन हारून ने कहा, "हमें अफ़सोस है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की सरकार और उसके लोगों को मुंबई में हुई घटनाओं का दोषी ठहराया जा रहा है." उन्होंने लिखा है, "ऐसा पहली बार नहीं हुआ है कि कुछ शरारती तत्वों ने विकास और शांति के रास्ते में बाधाएँ पैदा करने के लिए ऐसी हरकतें की हैं. ऐसी अफ़सोसनाक हरकतों से दुनिया संघर्ष के क़रीब पहुँच जाती है. | इससे जुड़ी ख़बरें मुठभेड़ ख़त्म, मुंबई में शोक का माहौल29 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाक तत्वों का हाथ है: प्रणव मुखर्जी28 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस दहशत, दर्द और आक्रोश की अभिव्यक्ति28 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस प्रधानमंत्री ने निराश किया: नरेंद्र मोदी28 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'भारतीय तंत्र पूरी तरह विफल रहा'28 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस ये मुंबई पर नहीं देश पर हमला है: देशमुख28 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस लोगों में ग़ुस्सा, हताशा और बेबसी27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'अचानक कुछ लोग गोलियां चलाने लगे'27 नवंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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