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नैटो के हमले में अफ़ग़ान सैनिक मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ान अधिकारियों का कहना है कि नैटो के नेतृत्व वाली सेनाओं के हमले में नौ अफ़ग़ान सैनिकों की मौत हो गई है और चार अन्य घायल हो गए हैं. अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यह घटना पूर्वी ज़िले ख़ोस्त में उस वक़्त हुई जब नैटो के एक हेलिकॉप्टर ने अफ़ग़ान सेना की एक चौकी पर गोलियाँ बरसाईं. नैटो के इंटरनेशनल सेक्युरिटी असिस्टेंट फ़ोर्स (आईसैफ़) ने कहा है कि वह इस ख़बर की जाँच कर रही है. अफ़ग़ानिस्तान में इस साल हिंसा की घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है और आईसैफ़ के हमलों में सैकड़ों अफ़ग़ान नागरिकों की मौत हो चुकी है. देर रात हुआ हमला ख़ोस्त के एक अधिकारी लुत्फ़ुल्ला बाबाकारख़ेई ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि एक विदेशी हेलिकॉप्टर ने मंगलवार को देर रात दोवा मांडा ज़िले में अफ़ग़ान सेना की एक चौकी पर गोलीबारी की. अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना के मुख्य प्रवक्ता कर्नल ग्रेग जूलियन ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि ऐसी एक घटना हुई है लेकिन उन्होंने घटना का कोई विवरण नहीं दिया. हालांकि अफ़ग़ानिस्तान में ज़्यादातर मौतें आम नागरिकों की हई है लेकिन विदेशी सैनिकों की ग़लती से वर्ष 2008 में कई अफ़ग़ान सैनिक भी मारे गए हैं. इसी साल के शुरु में पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में संयुक्त सेना के कथित हमले में 19 नागरिकों की मौत पर बवाल मचा था. इसके बाद अमरीका, अफ़ग़ानिस्तान सरकार और संयुक्त राष्ट्र ने मिलकर इसकी जाँच शुरु की है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अफ़ग़ानिस्तान में प्रयास अव्यवस्थित'21 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान ने क़रीब 30 बस यात्रियों को मारा19 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस नैटो के हमले में 'आम नागरिक' मारे गए16 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस हेलमंद में 18 तालेबान लड़ाकों की मौत 15 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस तालेबान से बातचीत की हिमायत07 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस 'अफ़ग़ानिस्तान में सेना की जीत नहीं'05 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस एक अफ़ग़ान गवर्नर हमले में मारे गए13 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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