|
नैटो के हमले में 'आम नागरिक' मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी प्रांत हेलमंद में विदेशी सेना के हवाई हमले में कम से कम 18 आम नागरिक मारे गए हैं. इनमें से अधिकतर बच्चे हैं. हेलमंद की राजधानी लश्कर गाह में बीबीसी संवाददाता ने मारे गए लोगों में तीन महिलाओं और कई बच्चों की लाशें देखीं. इन बच्चों की उम्र छह से 15 साल के बीच थी. मारे गए लोगों के परिजन इन शवों को नाद अली ज़िले से लाए थे जहाँ उनके मुताबिक हवाई हमला हुआ था. ऐसी ख़बरें हैं कि नौ शव अभी भी ध्वस्त हुए मकान के नीचे दबे हुए हैं. उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नैटो) का कहना है कि वह इस घटना की जाँच कर रहा है. इस इलाक़े में ब्रितानी सेना सक्रिय है. काबुल स्थिति बीबीसी संवाददाता का कहना है कि आम लोगों की मौतें विदेशी सेना के लिए मुश्किल स्थिति पैदा कर सकती है जबकि कहा जाता है कि वे आम लोगों का दिल जीतने की कोशिश कर रहे हैं. इससे पहले अफ़ग़ान और नैटो के अधिकारियों ने कहा था कि रविवार को लश्गर गाह के पास ही हुई मुठभेड़ में कई तालेबान चरमपंथी मारे गए थे. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||