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'तमिलों के अधिकारों की रक्षा करे श्रीलंका' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र के सत्ताधारी गठबंधन में शामिल द्रमुक और अन्य तमिल पार्टियों के बढ़ते दबाव के बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने श्रीलंका के राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे से बातचीत की है. मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति राजपक्षे से कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि एलटीटीई के साथ संघर्ष के कारण इसमें तमिल न फँसें, उनकी सुरक्षा हो और उनके अधिकारों की रक्षा हो. प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान जारी करके मनमोहन सिंह और महिंदा राजपक्षे के बीच टेलिफ़ोन पर हुई बातचीत की जानकारी दी है. मनमोहन सिंह ने बातचीत में कहा कि मौजूदा संघर्ष का सैनिक समाधान नहीं निकल सकता, इसलिए शांतिपूर्ण हल के लिए संयुक्त श्रीलंका के ढाँचे के अंतर्गत राजनीतिक प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए. प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक़ मनमोहन सिंह ने राष्ट्रपति राजपक्षे से यह भी कहा है कि वे अपनी नौसेना को यह निर्देश दें कि वे भारतीय मछुआरों पर गोलीबारी न करें और ऐसी घटना भारत को स्वीकार नहीं है. भरोसा बातचीत के दौरान महिंदा राजपक्षे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भरोसा दिलाया कि तमिलों की सुरक्षा के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे.
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने उत्तरी श्रीलंका में ख़राब होती मानवीय स्थिति पर चिंता जताई और ख़ास तौर पर संघर्ष के कारण लोगों के पलायन करने पर चिंता भी जताई. मनमोहन सिंह ने इस बात पर ज़ोर दिया कि किसी भी क़ीमत पर इन नागरिकों की सुरक्षा की जानी चाहिए. श्रीलंका में एलटीटीई के ख़िलाफ़ आजकल बड़ा सैनिक अभियान चल रहा है जिसके कारण बड़ी संख्या में तमिलों को पलायन करना पड़ रहा है. भारत में तमिल पार्टियाँ ख़ासकर तमिलनाडु में सत्ताधारी द्रमुक ने इस स्थिति पर रोष जताया है और उन्होंने केंद्र से हस्तक्षेप की मांग भी की थी. श्रीलंका की स्थिति पर ही द्रमुक के 17 सांसदों ने पार्टी अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को एम करुणानिधि को त्यागपत्र सौंप दिया है. | इससे जुड़ी ख़बरें केंद्र के बयान से ख़ुश करुणानिधि18 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका मामले पर उच्चायुक्त तलब17 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस डीएमके के चौदह सांसदों का इस्तीफ़ा17 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका की स्थिति 'गंभीर चिंता' का विषय15 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस डीएमके और सहयोगी दलों की चेतावनी15 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस कोलंबो में आत्मघाती हमला, एक की मौत 09 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंकाः आत्मघाती हमले में 27 की मौत06 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में 'सेना जीत के क़रीब'26 सितंबर, 2008 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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