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हवाई हमलों में 60 'चरमपंथियों' की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की सेना ने दावा किया है कि चरमपंथियों के ख़िलाफ़ अभियान के तहत ताज़ा संघर्ष में उन्होंने क़रीब 60 तालेबान समर्थक चरमपंथियों को मार दिया है. सेना के मुताबिक ताज़ा हमले पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिम में स्थित स्वात घाटी में किए गए जिसमें इन तालेबान समर्थक चरमपंथियों की मौत हो गई. सेना को इस इलाके में चरमपंथी शिविरों के बारे में जानकारी मिली थी. इन्हीं को निशाना बनाकर ये हमले किए गए थे. सेना ने यह भी बताया कि इन चरमपंथियों ने एक चीनी इंजीनियर का अपहरण करके उसे अपने पास बंदी बना रखा था पर हमले के बाद वो इंजीनियर सफलता पूर्वक सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं. दरअसल, स्वात का इलाका पाकिस्तानी सेना के लिए एक चुनौती बना हुआ क्योंकि यहाँ तालेबान समर्थक चरमपंथियों की सक्रियता बढ़ी है. चरमपंथ की चुनौती
जानकार बताते हैं कि यहाँ सक्रिय चरमपंथियों की मंशा है कि इलाके में तालेबान के अफ़ग़ानिस्तान में शासन के दौरान वाली स्थितियों की तर्ज पर व्यवस्था क़ायम हो. इसी के मद्देनज़र इस इलाके में पिछले कुछ महीनों के दौरान चरमपंथियों की गतिविधियाँ बढ़ी हैं और सेना के लिए यह चुनौतीपूर्ण साबित हुआ है. अब पिछले क़रीब एक साल से सेना इन चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सक्रिय अभियान चला रही है. हालांकि पाकिस्तान में सेना के चरमपंथ विरोधी अभियानों को लेकर सवाल भी उठाए जाते रहे हैं क्योंकि कुछ अभियानों में आम नागरिक भी हमलों का निशाना बने हैं. जिन इलाकों में चरमपंथ विरोधी अभियान चलाए गए हैं, वहाँ एक बड़ी तादाद में स्थानीय लोगों को विस्थापित भी होना पड़ा है. | इससे जुड़ी ख़बरें स्वात: पुलिस स्टेशन पर आत्मघाती हमला16 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तानी सांसद के घर रॉकेट हमला25 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस आत्मघाती हमले में पुलिसकर्मियों की मौत23 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस स्वात में जारी है भीषण लड़ाई31 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस पाक में चरमपंथियों से समझौता21 मई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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