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पाकिस्तान को चीन का परमाणु सहयोग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान सरकार ने कहा है कि चीन उसके ऊर्जा संकट को कम करने के लिए उसे दो और परमाणु भट्ठियाँ बनाने के लिए सहयोग देगा. पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ़ अली ज़रदारी की चीन यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच सहयोग के 12 बिंदुओं पर हस्ताक्षर किए गए जिनमें परमाणु सहयोग का मुद्दा भी शामिल है. चीन पहले ही पाकिस्तान को एक परमाणु बिजलीघर लगाने में सहायता कर चुका है जबकि उसके सहयोग से एक और बिजलीघर का निर्माण किया जा रहा है. उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने भारत और अमरीका के बीच परमाणु संधि होने के बाद अमरीका के साथ से ऐसे ही तरह के समझौते की माँग की थी, लेकिन अमरीका सरकार ने उसे मानने से इनकार कर दिया. परमाणु सहयोग चीन के साथ हुए समझौते की जानकारी देते हुए पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद क़ुरैशी ने कहा कि चीन के साथ दो परमाणु भट्ठियों को बनाए जाने पर हुआ समझौता दोनों देशों के बीच पहले से ही जारी परमाणु सहयोग में हुई एक नई प्रगति है. उन्होंने कहा,"पाकिस्तान में अभी ऊर्जा संकट है और इन दो नए परमाणु बिजलीघरों के बनने से 680 मेगावाट की अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होगा जिससे पाकिस्तान को लाभ होगा." चीन के सहयोग से ये नई परमाणु भट्ठियाँ पाकिस्तान में चश्मा नामक स्थान पर बनाई जाएँगी जो राजधानी इस्लामाबाद से लगभग 200 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है. चश्मा-1 परमाणु भट्ठी बन चुकी है जबकि चश्मा-2 वर्ष 2011 तक तैयार हो जाएगा. पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने चश्मा-3 और चश्मा-4 के बारे में विस्तार से कुछ बताने में असमर्थता जताई और ना तो ये बताया कि ये दोनों परियोजनाएँ कब तक पूरी होंगी और ना ही ये कहा कि इनमें चीन किस तरह का सहयोग देगा. | इससे जुड़ी ख़बरें 'पाकिस्तान से भी समझौता करे अमरीका'02 अक्तूबर, 2008 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान के परमाणु संयंत्र में धमाका08 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते पर संसद में चर्चा होगी10 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते से पाकिस्तान चिंतित03 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान परमाणु भट्टी बना रहा है'22 जून, 2007 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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