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'आलाकमान का समर्थन हासिल' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल इस्तीफ़े की सभी संभावनाओं को ख़ारिज़ करते हुए कहा है कि उन्हें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का पूरा समर्थन हासिल है. यह पूछे जाने पर कि क्या आलाकमान को उन पर भरोसा है तो उनका कहना था, ‘ मुझे अपने नेता का पूरा समर्थन मिला हुआ है. ’ यह पूछे जाने पर कि आज दिन में वरिष्ठ पार्टी नेताओं की बैठक में उन्हें नहीं बुलाया गया तो क्या वो इससे परेशान हैं तो पाटिल का कहना था, ‘ मुझ पर दबाव मत बनाने की कोशिश मत कीजिए. ’ दिल्ली में हुए सिलसिलेवार धमाकों के बाद केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल पर दबाव बढ़ रहा है. विपक्ष की ओर से शिवराज पाटिल के इस्तीफ़े की मांग उठी है. बीजेपी ने जहां पाटिल के इस्तीफ़े की मागं की है वहीं कांग्रेस पार्टी ने शिवराज पाटिल के इस्तीफ़े की मांग ठुकरा दी है. कांग्रेस ने विपक्ष पर 'सस्ती राजनीति' का आरोप लगाया है. कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, "ऐसे समय गृह मंत्री के इस्तीफ़े की मांग करना विपक्ष की सस्ती राजनीति है. कितनी बार लालकृष्ण आडवाणी ने ऐसी मांगें मानी है." शनिवार को दिल्ली में हुए धमाकों में 21 लोग मारे गए थे. दिल्ली धमाकों से पहले जयपुर, बंगलौर और फिर अहमदाबाद में भी सिलसिलेवार धमाके हुए थे, जिनमें बड़ी संख्या में लोग मारे गए थे. ऐसा पहली बार नहीं है कि शिवराज पाटिल के इस्तीफ़े की मांग हुई है. आपात बैठक वर्ष 2005 में दिल्ली में हुए धमाकों के बाद भी शिवराज पाटिल पर पद छोड़ने के लिए दबाव बना था. इस बार भी विपक्ष का यही कहना है कि गृह मंत्री ऐसे गंभीर मामलों से निपटने में नाकाम रहे हैं. सोमवार को दिल्ली में सुरक्षा स्थिति पर कांग्रेस की एक आपात बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने की. उनके अलावा बैठक में विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी, रक्षा मंत्री एके एंटनी, मारग्रेट अल्वा, दिग्विजय सिंह और वीरप्पा मोइली जैसे वरिष्ठ नेता मौजूद थे. लेकिन अजीब बात ये रही कि आंतरिक सुरक्षा पर हुई बैठक से गृह मंत्री शिवराज पाटिल ही नदारद रहे. इस दौरान शिवराज पाटिल आंतरिक सुरक्षा पर एक कार्यक्रम में हिस्सा ले रहे थे. दिल्ली धमाकों के बाद विपक्षी पार्टियों और एक समय कांग्रेस के सहयोगी रहे वामपंथी दलों ने भी शिवराज पाटिल के त्यागपत्र की मांग की है. दूसरी ओर केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने भी इस मामले पर अपना मुँह खोला है. हालाँकि उन्होंने कहा कि सिर्फ़ गृह मंत्री को इसके लिए ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता.
लालू प्रसाद यादव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात की. उन्होंने मांग की कि सरकार आतंकवाद से संबंधित मामलों के निपटारे के लिए विशेष कार्य दल बनाए. बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, "मैंने प्रधानमंत्री और सोनिया गांधी को सलाह दी है कि इस मामले में सभी दलों की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई जाए. मैंने प्रधानमंत्री से कैबिनेट की भी विशेष बैठक बुलाने की मांग की है ताकि सभी मामलों पर विचार-विमर्श हो सके." लालू यादव ने दिल्ली धमाकों की कड़ी निंदा की और आतंकवाद के मुद्दे पर 'सांप्रदायिक राजनीति' से बचने की सलाह दी. |
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