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पाक में तीन महिलाएँ ज़िंदा दफ़न | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की सीनेट ने माँग की है कि बलूचिस्तान की तीन महिलाओं को ज़िंदा दफ़न करने की ख़बरों की जाँच की जाए. ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि इन महिलाओं को ख़ानदान की आन के नाम पर मार दिया गया था. पाकिस्तान के मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्थानीय क़बायली मर्द इन महिलाओं का उठा ले गए थे क्योंकि वे अपने रिश्तेदार की मर्ज़ी के बिना शादी करना चाहती थीं. उसके बाद उन्हें गोली मार दी गई और जब उनकी सांसे चल रहीं थीं, उसी दौरान उन्हें दफ़न कर दिया गया. ऐसी भी अपुष्ट ख़बरें हैं कि दो बुजुर्ग महिलाओं को इनकी मदद करने के कारण मार दिया गया. पिछले सप्ताह एक पाकिस्तानी सांसद इसरार उल्ला ज़ेहरी ने इन हत्याओं का पक्ष लिया था और ये कह कर हंगामा खड़ा कर दिया था कि ऐसी हत्याएँ बलूचिस्तान की क़बायली परंपरा का हिस्सा हैं. सोमवार को इसके विरोध में मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तानी की संसद के बाहर प्रदर्शन किया. वे इन हत्याओं के ख़िलाफ़ और इनका समर्थन करनेवाले सांसद के ख़िलाफ़ नारे लगा रहे थे. समाचार एजेंसी एपी का कहना है कि अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में तीन लोगों को गिरफ़्तार कर लिया गया है. मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि ऐसे मामलों की जाँच में ढिलाई बरती जाती है और अभियुक्त बेदाग छूट जाते हैं. |
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