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उड़ीसा के कंधमाल में फिर हिंसा भड़की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पिछले दो दिनों की शांति के बाद सोमवार को उड़ीसा के कंधमाल ज़िले में हिंसा फिर भड़क उठी. ज़िले के टीकाबाली, फिरिंगिया और उदयगिरी इलाक़ों में 40 से अधिक मकान जला दिए गए और कई ईसाई स्थलों को निशाना बनाया गया. पुलिस महानिदेशक आरपी सिंह ने घटनाओं को स्वीकार किया और कहा कि इन घटनाओं में हुई क्षति का ब्यौरा देना अभी संभव नहीं है. उनका कहना था कि ज़िले के नए पुलिस अधीक्षक प्रवीण कुमार अतिरिक्त पुलिस बलों के साथ प्रभावित इलाक़ों में गए हुए हैं. इस बीच पिछले 24 घंटों में ज़िले में तीन और शव बरामद हुए हैं. इनमें से दो शव रायकिया इलाक़े से और एक टीकाबली इलाक़े से मिला है. इसके साथ ही शनिवार की रात शुरू हुई हिंसा में अब तक 18 लोग मारे जा चुके हैं. जानकारों का मानना है कि जैसे जैसे पुलिस राज्य के अंदरूनी इलाक़ों में पहुँचेगी और शव बरामद हो सकते हैं. इधर राज्य सरकार की एक उच्चस्तरीय समिति मंगलवार को स्थिति का आकलन करने कंधमाल जाएगी. इसमें प्रमुख सचिव अजित त्रिपाठी और पुलिस महानिदेशक गोपाल नंदा शामिल होंगे. ये निर्णय सोमवार को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक में लिया गया. बैठक के बाद प्रमुख सचिव अजित त्रिपाठी ने बताया कि कंधमाल में 558 घरों और 17 गिरिजाघरों को क्षति पहुँचाई गई. उन्होंने बताया कि इस हिंसा में जिन लोगों के घर नष्ट हो गए हैं, उन्हें 50 हज़ार रुपए और जिनके घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें 20 हज़ार रुपए की सहायता राशि दी जाएगी. |
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