|
कंधमाल में बंद का आह्वान, कर्फ्यू लगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उड़ीसा के कंधमाल ज़िले में विश्व हिंदू परिषद ने अपने वरिष्ठ नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या के विरोध में सोमवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है. विहिप के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और ज़िले के तीन इलाक़ों फुलबाणी, बालीगुड़ा और जीउदयगिरी में कर्फ्यू लगा दिया गया है. उल्लेखनीय है कि शनिवार की शाम स्वामी लक्ष्मणानंद की संस्था द्वारा चलाए रहे एक आश्रम पर क़रीब 30 से 40 अज्ञात बंदूकधारियों ने हमला किया और अंधाधुंध गोलीबारी की जिसमें सरस्वती समेत पांच लोग घटनास्थल पर मारे गए. पुलिस का कहना है कि ये अज्ञात हमलावर नक्सल थे जबकि विहिप का कहना है कि ये ईसाई संगठन हैं. इस बारे में अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पा रही है हालांकि सरकार का मानना है कि इसमें किसी न किसी स्तर पर माओवादियों का हाथ ज़रुर है. कंधमाल का हालिया इतिहास सांप्रदायिक घटनाओं से भरा रहा है. आठ महीने पहले भी कंधमाल में हिंसा की घटना हुई थी. 24 दिसंबर को भी स्वामी लक्ष्मणानंद पर हमला हुआ था जिसके बाद क्रिसमस के दिन बंद का आह्वान किया गया और उस दिन कई ईसाईयों पर आक्रमण हुए औऱ कुछ मौतें हुईं. उसी समय ज़िले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की टुकड़ियां तैनात की गई थीं वो अब भी वहीं हैं और पिछले कुछ समय से इलाक़े में तनाव चल रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें पाटिल ने उड़ीसा के हालात की समीक्षा की02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में अब भी हिंसा और आगजनी 02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस शिवराज पाटिल कंधमाल जाएँगे02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस अल्पसंख्यक आयोग उड़ीसा के दौरे पर05 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'हिंसा में ईसाई भी शामिल थे'06 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||