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पोप ने उड़ीसा में हिंसा की भर्त्सना की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ईसाइयों को सर्वोच्च धर्मगुरु पोप बेनेडिक्ट ने उड़ीसा में हिंदूओं और इसाइयों को बीच जारी हिंसा की घटनाओं की भर्त्सना की है जिनमें ग्यारह लोगों की जानें जा चुकी हैं. वैटिकन में अपने साप्ताहिक संबोधन में पोप ने कहा कि वह इस घटना से 'अत्यधिक दुखी' हैं और उन्होंने दोनों समुदायों से 'शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व' बहाल करने को कहा. पोप ने कहा, "मैं मानव जीवन पर किसी तरह के हमले की कड़ी भर्त्सना करता हूँ. मैं अपने उन भाइयों और बहनों के साथ आध्यात्मिक निकटता और एकजुटता ज़ाहिर करना चाहता हूँ जिनके साथ इतना ख़राब बर्ताव हो रहा है". उन्होंने स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या को 'निंदनीय' बताया. उधर भुवनेश्वर से संदीप साहू ने ख़बर दी है कि कंधमाल और आसपास के ज़िलों में हिंदू और ईसाई गुटों के बीच जारी हिंसा में मारे गए लोगों की संख्या 11 हो गई है. कंधमाल ज़िले आठ क़स्बों में कर्फ़्यू जारी है और दंगाइयों को देखते ही गोली मार देने के आदेश दे दिए गए हैं. कंधमाल के साथ स्थित गजपति ज़िले में भी स्थिति तनावपूर्ण है. उड़ीसा के पाँच अन्य ज़िलों में भी हिंसा की छिटपुट घटनाएँ हुई हैं. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल बुधवार को कंधमाल का दौरा करने गए थे लेकिन उन्हें वहाँ प्रवेश ही नहीं करने दिया गया. कंधमाल में शनिवार को उस समय हिंसा शुरू हुई जब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की अज्ञात लोगों ने हत्या कर दी. इसके बाद विहिप ने सोमवार को उड़ीसा बंद का आह्वान किया था जिसके दौरान हुई हिंसा में ईसाइयों को निशाना बनाया गया और कई गिरिजाघरों में आग लगा दी गई. उल्लंघन कंधमाल के क़स्बों में कर्फ्यू लागू होने के बावजूद अनेक लोगों ने इसका उल्लंघन किया और लूटमार की कई घटनाएँ हुईं. समाचार एजेंसियों के अनुसार उड़ीसा के एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी सत्यव्रत साहू का कहना था, "हमने दंगाइयों के सड़क पर नज़र आते ही गोली मार देने के आदेश दिए हैं क्योंकि कंधमाल ज़िले में कर्फ्यू के बाद भी व्यापक तौर पर हिंसा की घटनाएँ हो रही हैं." शनिवार को बाराखामा गाँव में हिंदू और ईसाई गुटों ने शनिवार को हथियारों के साथ एक दूसरे पर हमला किया था जिसमें चार लोग मारे गए थे. कंधमाल में पाँच लोगों की मौत लूटमार और आगज़नी की घटनाओं में हुई है. गजपति ज़िले में भड़की हिंसा में भी दो लोग मारे गए हैं. इस तरह मरने वालों की कुल संख्या 11 तक जा पहुँची है. कंधमाल और आसपास के इलाक़ों में कई गिरिजाघरों सहित 25 से अधिक ईसाई संस्थानों को दंगाइयों ने निशाना बनाया है. | इससे जुड़ी ख़बरें अनाथाश्रम पर हमले में महिला की मौत25 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में बंद का व्यापक असर25 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस कंधमाल में बंद का आह्वान, कर्फ्यू लगा24 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में विहिप नेता समेत पाँच की मौत23 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस अल्पसंख्यक आयोग की टीम उड़ीसा पहुँची08 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'हिंसा में ईसाई भी शामिल थे'06 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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