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उड़ीसा में बंद का व्यापक असर | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उड़ीसा में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता की हत्या के विरोध में आयोजित बंद का व्यापक असर है. दुकाने बंद हैं और सड़कों पर सार्वजनिक वाहन नहीं चल रहे हैं. कुछ स्थानों से छिटपुट हिंसा की ख़बरें हैं, लेकिन अभी तक स्थिति नियंत्रण में है. शनिवार की शाम उड़ीसा के कंधमाल ज़िले में तीस से चालीस अज्ञात बंदूकधारियों ने विहिप नेता स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या कर दी थी. उनके साथ चार और लोग मारे गए थे. विहिप के आह्वान को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं और ज़िले के तीन इलाक़ों फुलबाणी, बालीगुड़ा और जीउदयगिरी में कर्फ्यू लगा दिया गया है.
इस बीच विहिप के वरिष्ठ नेता प्रवीण तोगड़िया स्वामी लक्ष्मणानंद की अंत्येष्टि में भाग लेने कंधमाल पहुँच गए हैं. स्वामी लक्ष्मणानंद का अंतिम संस्कार कंधमाल में ही स्थित उनके आश्रम में किया जाएगा. इस बीच राज्य सरकार ने कंधमाल के पुलिस अधीक्षक को निलंबित कर दिया है. हालाँकि अभी तक हत्यारों का पता नहीं चल सका है. पुलिस का कहना है कि ये अज्ञात हमलावर नक्सली थे जबकि विहिप का कहना है कि ये ईसाई संगठनों का काम है. | इससे जुड़ी ख़बरें कंधमाल में बंद का आह्वान, कर्फ्यू लगा24 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस पाटिल ने उड़ीसा के हालात की समीक्षा की02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में अब भी हिंसा और आगजनी 02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस शिवराज पाटिल कंधमाल जाएँगे02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस अल्पसंख्यक आयोग उड़ीसा के दौरे पर05 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'हिंसा में ईसाई भी शामिल थे'06 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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