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उड़ीसा में विहिप नेता समेत पाँच की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उड़ीसा के कंधमाल ज़िले में शनिवार को कुछ अज्ञात हमलावरों ने एक आश्रम पर हमला किया है जिसमें कम से कम पाँच लोगों की मौत हो गई है. घटना भारतीय समयानुसार रात आठ बजे की है जब हमलावरों ने ज़िले के जलेशपटा इलाके में एक हिंदू आश्रम को अपना निशाना बनाया. जानकारी के मुताबिक मारे गए पाँच लोगों में से एक लक्ष्मणानंद सरस्वती, कट्टर हिंदूवादी संगठन विश्व हिंदू परिषद के नेता थे. राज्य के पुलिस प्रमुख गोपाल नंदा ने इस घटना की पुष्टि बीबीसी से बातचीत में की. पुलिस प्रमुख का कहना है कि इस हमले में शामिल लोग एक चरमपंथी संगठन के हो सकते हैं. हालांकि विश्व हिंदू परिषद के नेता अब इस हमले को दूसरा रंग देने की कोशिश कर रहे हैं. विश्व हिंदू परिषद के एक राज्य स्तर के वरिष्ठ नेता ने बीबीसी को बताया कि इसके पीछे कुछ ग़ैर-हिंदू संगठनों का हाथ हो सकता है. विश्व हिंदू परिषद की राज्य इकाई की ओर से इस हमले और अपने नेता की हत्या के विरोध में सोमवार को राज्यव्यापी बंद का आहवान किया गया है. विहिप नेता ने बताया कि शनिवार के हमले से पहले भी लक्ष्मणानंद पर हमले होते रहे. ऐसे कोई 12 हमलों में लक्ष्मणानंद सरस्वती बचते आ रहे थे. चिंता की बात यह है कि पिछले ही वर्ष इस ज़िले में हिंदू और ईसाई संप्रदायों के लोगों के बीच हिंसक झड़पें हुई थीं. जानकार बताते हैं कि ताज़ा घटना फिर से यहाँ की स्थिति को तनावपूर्ण बना सकते हैं और इससे सांप्रदायिक स्तर पर समाज के ध्रुवीकरण का ख़तरा है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'हिंसा में ईसाई भी शामिल थे'06 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस अल्पसंख्यक आयोग उड़ीसा के दौरे पर05 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस शिवराज पाटिल कंधमाल जाएँगे02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में अब भी हिंसा और आगजनी 02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस पाटिल ने उड़ीसा के हालात की समीक्षा की02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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