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प्रमुख ठिकाने पर क़ब्ज़े का दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
श्रीलंका की सेना ने तमिल छापामारों के एक प्रशिक्षण केंद्र पर क़ब्ज़ा करने का दावा किया है. इस केंद्र में भूमिगत बंकरों का जाल बिछा हुआ है. सेना का कहना है कि वेलिओया स्थित छापामारों के प्रशिक्षण केंद्र पर शनिवार को नियंत्रण किया. लड़ाई के बाद छापामार उस इलाक़े से भाग गए थे. सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर उदय ननयकारा के अनुसार 'जीवन बेस' के नाम से जाने वाले इस ठिकाने में कई कमरे और सौ के क़रीब भूमिगत बंकर शामिल हैं. शनिवार को अन्य कई इलाक़ों में भी सेना और तमिल छापामारों के बीच लड़ाइयाँ हुई हैं, जिनमें सेना के अनुसार 27 छापामार और सात सैनिक मारे गए हैं. सेना की सफलता हाल के दिनों में श्रीलंकाई सेना को तमिल छापामारों की रक्षा पंक्ति को भेदने में बड़ी सफलताएँ हाथ लगी हैं. सेना ने बरसों से तमिल छापामारों के नियंत्रण में रहे कई शहरों और गाँवों को मुक्त करा लिया है. श्रीलंका सरकार ने इस साल के अंत तक तमिल छापामारों को पूरी तरह हरा कर 25 वर्षों से जारी गृहयुद्ध को ख़त्म करने का लक्ष्य रखा है. सेना का कहना है कि वह छापामारों के नियंत्रण में रह गए इलाक़ों के प्रशासनिक मुख्यालय किलिनोच्चि से मात्र 15 किलोमीटर दूर रह गई है. सेना की हाल की सफलताओं के दावों पर तमिल छापामारों की प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई है. इस बीच संयुक्तराष्ट्र का कहना है कि जून में लड़ाई तेज़ होने के बाद से 75 हज़ार लोगों को अपने घर-बार छोड़ कर पलायन करना पड़ा है. | इससे जुड़ी ख़बरें सेना का दावा: 24 तमिल विद्रोही मारे गए31 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'सार्क सम्मेलन के दौरान संघर्षविराम'22 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में 26 विद्रोही, तीन सैनिक मारे गए 20 जून, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में बम विस्फोट, 20 मरे06 जून, 2008 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में 16 लोग मारे गए23 मई, 2008 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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