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महाभियोग प्रस्ताव लाने की घोषणा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में दो प्रमुख राजनीतिक दलों--पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल नवाज़)--ने संयुक्त रुप से घोषणा की है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को पद से हटाने के लिए महाभियोग प्रस्ताव लाया जाएगा. इस्लामाबाद में एक संवाददाता सम्मेलन में पीएमल के नवाज़ शरीफ़ और पीपीपी के आसिफ़ अली ज़रदारी ने संयुक्त रूप से इसकी घोषणा की. संवाददाता सम्मेलन के शुरू में आसिफ़ ज़रदारी ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव के बारे में एक संयुक्त बयान अँगरेज़ी में पढ़कर सुनाया. जिसमें कहा गया, "राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने चुनाव में हार के बाद अपना पद छोड़ने का वादा किया था लेकिन उसे पूरा नहीं किया, वे वास्तविक लोकतंत्र की बहाली के रास्ते में रोड़े अटकाते रहे हैं." नवाज़ शरीफ़ ने कहा, "हम दोनों पार्टियाँ इस प्रस्ताव पर पूरी तरह सहमत हैं, इसका एक-एक शब्द हमने साथ मिलकर लिखा है, मुझे आप पत्रकारों के चेहरे पर खुशी दिख रही है, पूरा देश इस फ़ैसले से ख़ुश है." इस सम्मेलन में यह घोषणा भी की गई कि परवेज़ मुशर्रफ़ ने जिन जजों को पद से हटा दिया था उन्हें दोबारा बहाल किया जाएगा. आसिफ़ ज़रदारी ने कहा, "लोकतंत्र के लिए स्वतंत्र न्यायपालिक ज़रूरी है और मुशर्रफ़ ने जिन जजों को हटाया था उन्हें बहाल करके ही लोकतंत्र आ सकता है." जब नवाज़ शरीफ़ से पूछा गया कि जजों की बहाली कब होगी तो उन्होंने कहा, "मुशर्रफ़ को हटाए जाने के बाद जजों की बहाली का काम शुरू होगा, हम मानते हैं कि दोनों कामों की अहमियत एक बराबर है." पत्रकारों ने जब उनसे पूछा कि मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ महाभियोग का प्रस्ताव कब आएगा, तो नवाज़ शरीफ़ ने कहा, "इंशा अल्लाह, अगले चंद दिनों में महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. मुशर्रफ़ एक ग़ैर कानूनी राष्ट्रपति हैं." आसिफ़ अली ज़रदारी से जब पूछा गया कि क्या उन्होंने राष्ट्रपति को हटाने का फ़ैसला करने से पहले अमरीका के रुख़ और पाकिस्तानी सेना के रवैए पर विचार किया है, इसके जवाब में उन्होंने कहा, "सदर को हटाना हमारा लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है, पाकिस्तान की जनता ने हमें जनादेश दिया है." अगला राष्ट्रपति कौन होगा, इस सवाल के जवाब में ज़रदारी ने कहा, "अगला सदर ऐसा होगा जो सबको मंज़ूर हो, इसके लिए हम अपने गठबंधन की हर पार्टी से सलाह-मशविरा करेंगे." संख्या बल और विकल्प इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अभी यह नहीं पता है कि मुशर्रफ़ विरोधी दल महाभियोग प्रस्ताव पारित कराने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत जुटा पाएँगे या नहीं. जब पत्रकारों ने पूछा कि राष्ट्रपति को हटाए जाने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत है या नहीं, इसके जवाब में ज़रदारी ने कहा, "हमारे पास वोट भी है और यह लोकतांत्रिक फ़ैसला करने की हिम्मत भी."
यही वजह है कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ ने ओलंपिक खेलों के उदघाटन समारोह में हिस्सा लेने के लिए बीजिंग जाने का अपना पहले से तय कार्यक्रम रद्द कर दिया है. मुशर्रफ़ कह चुके हैं कि महाभियोग प्रस्ताव का सामना करने के बदले इस्तीफ़ा देना पसंद करेंगे. पिछले साल मुशर्रफ़ ने सेना की कमान छोड़ दी थी और उसके बाद हुए चुनाव में उनका समर्थन करने वाली पार्टियाँ चुनाव में बुरी तरह पिछड़ गई थीं जिसके बाद से निर्वाचित सरकार से उनके रिश्ते एक कठिन दौर से गुज़र रहे हैं. मुशर्रफ़ के पास सेना की कमान नहीं है लेकिन उनके पास संसद को भंग करने का अधिकार है, हालाँकि उन्होंने संसद को भंग करने के कोई संकेत नहीं दिए हैं लेकिन बीबीसी संवाददाता का कहना है कि पाकिस्तान में किसी भी राजनीतिक संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. इस पूरे मामले में सेना के रुख़ पर काफ़ी कुछ निर्भर करेगा और सेना ने कोई संकेत नहीं दिए हैं कि महाभियोग प्रस्ताव की स्थिति में उसका रवैया क्या होगा. |
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