|
अमरनाथ बोर्ड के सदस्यों का इस्तीफ़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरनाथ मंदिर बोर्ड के सभी सदस्यों ने इस्तीफ़ा दे दिया है. इधर प्रधानमंत्री ने इस मसले पर सर्वदलीय बैठक बुलाई हुई है. भारत प्रशासित राज्य जम्मू कश्मीर के राज्यपाल के एक प्रवक्ता ने बताया कि अमरनाथ मंदिर बोर्ड के सभी 10 सदस्यों ने राज्यपाल एनएन वोहरा को अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया है. प्रवक्ता का कहना था कि इस्तीफ़े इसलिए सौंपे गए हैं ताकि अमरनाथ बोर्ड को पुनर्गठित किया जा सके. ग़ौरतलब है कि राज्यपाल इस बोर्ड के अध्यक्ष हैं. प्रवक्ता ने कहा कि राज्यपाल ने अमरनाथ संघर्ष समिति के सदस्यों के साथ मुलाक़ात में बोर्ड में लोगों का भरोसा बढ़ाने के लिए राज्य के प्रमुख लोगों को शामिल करने की पेशकश की थी. बोर्ड से इस्तीफ़ा देनेवाले लोगों में जस्टिस (अवकाश प्राप्त) जीडी शर्मा, प्रोफेसर विष्णुमूर्ति शास्त्री, सुनील सचदेवा, मनोज गौड़, डॉक्टर विमला धर, प्रोफेसर नीरजा मट्टू, रघु मोदी और डॉक्टर अरुण कुमार शामिल हैं. सर्वदलीय बैठक दूसरी ओर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है ताकि अमरनाथ ज़मीन विवाद का कोई हल निकाला जा सके. इधर पृथकतावादी नेता सैयद अलीशाह गीलानी ने बुधवार को भारत प्रशासित कश्मीर में बंद का आह्वान किया है ताकि सर्वदलीय बैठक में कोई ऐसा फ़ैसला न ले लिया जाए जो भारत प्रशासित कश्मीर की भावनाओं के ख़िलाफ़ हो. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बंद के कारण बुधवार को भारत प्रशासित कश्मीर का सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. दुकानों और अन्य व्यावयायिक केंद्र को बंद रखा गया है और सरकारी कार्यालयों में लोगों की उपस्थिति बुधवार को काफ़ी कम दिखी. भाजपा ने अमरनाथ ज़मीन मुद्दे पर 11 से 13 अगस्त तक देश भर में जेल भरो अभियान चलाने की घोषणा की है. हालांकि भाजपा बुधवार को बुलाई गई सरकार की सर्वदलीय बैठक में भाग लेगी, लेकिन उसने सरकार को आंदोलनकारियों से सीधी बात करने की सलाह दी है. उग्र प्रदर्शन दूसरी ओर जम्मू से बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी के मुताबिक मंगलवार को देर रात तक विरोध प्रदर्शन जारी थे और अब सबकी निगाहें बुधवार को होनेवाली सर्वदलीय बैठक पर लगीं हैं कि उसमें क्या निकलकर आता है.
जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के नेता यासीन मलिक सरकार के जम्मू में 'सांप्रदायिक हिंसा' रोकने में विफल रहने के कारण आमरण अनशन पर बैठ गए हैं. ग़ौरतलब है कि पिछले कई सप्ताह से भारत प्रशासित जम्मू कश्मीर के जम्मू शहर और आसपास के क्षेत्र में अमरनाथ मंदिर बोर्ड को पहले ज़मीन दिए जाने और फिर उस फैसले को रद्द किए जाने के विरोध में उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं. तीस संगठनों वाली अमरनाथ मंदिर संघर्ष समिति की माँग है कि न केवल मंदिर बोर्ड को ज़मीन वापस दी जाए बल्कि सरकार की जगह मंदिर बोर्ड ही अमरनाथ यात्रा की ज़िम्मेदारी संभाले. अमरनाथ मंदिर भूमि आवंटन मामले पर माहौल और बिगड़ता दिख रहा है, जम्मू में लगातार उग्र प्रदर्शन हो रहे हैं और एक प्रदर्शनकारी के मारे जाने के बाद से वहाँ तनाव और बढ़ गया है. वहीं श्रीनगर में भी जम्मू की घटनाओं पर क्रुद्ध प्रतिक्रिया दिख रही है. |
इससे जुड़ी ख़बरें श्रीनगर में हिंसा, जम्मू में उग्र प्रदर्शन05 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू के बाद श्रीनगर में हिंसा04 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस अमरनाथ आंदोलन: दो और जगह कर्फ़्यू03 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू में प्रदर्शन और तेज़ होंगे31 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू में जारी है प्रदर्शन, कई घायल02 अगस्त, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीर में प्रदर्शन, यासीन मलिक घायल28 जून, 2008 | भारत और पड़ोस ज़मीन वापसी के विरोध में 'जम्मू बंद'30 जून, 2008 | भारत और पड़ोस अमरनाथ मंदिर से जुड़े विवाद की जड़27 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||