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आए थे हरि भजन को...गए जेल! | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान से आए सात हिंदू श्रद्धालुओं को क्या पता था कि एक झूठ और ज़रा सी लापरवाही उनके जी का जंजाल बन जाएगी. सात युवाओं का ये दल तीर्थनगरी हरिद्वार में आया तो था सावन में गंगा-दर्शन और स्नान के लिए. लेकिन अपनी पहचान छिपाने और वीज़ा नियमों के उल्लंघन के आरोप में उन्हें एक महीने के लिये जेल भेज दिया गया है. हरिद्वार की सीजेएम अदालत ने उन्हें ये सज़ा सुनाई है. इन्हें हरिद्वार के एक होटल से गिरफ्तार किया गया था. इस होटल में उन्होंने अपना पता पाकिस्तान की बजाय उत्तरांचल राज्य के ही हलद्वानी शहर का लिखवाया था. उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक सुभाष जोशी ने बीबीसी को बताया, "इनके पास वैध पासपोर्ट और वीज़ा तो ज़रूर थे लेकिन विदेशी नागरिक क़ानून के तहत पाकिस्तानी नागरिकों के लिये ये आवश्यक है कि वो जिस भी शहर में जाएँ वहाँ 24 घंटों के अंदर 'फॉरेनर्स रजिस्ट्रेशन ऑफिस' में अपना रजिस्ट्रेशन जरूर कराएँ लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और अपना पता भी ग़लत लिखवाया. " उन्होंने बताया," इनसे हुई पूछताछ में इन्हें किसी और तरह से संदिग्ध नहीं पाया गया लेकिन तकनीकी ग़लती की सज़ा तो इन्हें भुगतनी ही पड़ेगी." गिरफ़्तार किये गए ये पाकिस्तानी नागरिक कश्मीर और पंजाब इलाक़े के हैं. इनमें दो भाइयों वकील और सर्वानंद के अलावा रवि कुमार, महेश कुमार, जयप्रकाश और दिलीप कुमार हैं. इनका कहना है कि बंगलौर और अहमदाबाद बम धमाकों से वो इतने घबरा गये थे कि परेशान किए जाने के डर से उन्होंने अपनी पहचान ग़लत लिखवा दी. पाकिस्तान में 25 लाख से ज्यादा हिंदू रहते हैं और भारतीय तीर्थस्थलों से उनकी श्रद्धा आज भी जुड़ी है. श्रद्धा का मामला गंगा स्नान, मुंडन और अस्थि-विसर्जन के लिये हरिद्वार आने के लिये आवेदन करने वाले हिंदुओं की एक लंबी क़तार है. इसी तरह से भारत में रह रहे मुसलमानों का भी पाकिस्तान के साथ रोटी-बेटी का रिश्ता है. हांलाकि पिछले कुछ सालों में वीज़ा नियमों में नरमी तो आई है लेकिन पाकिस्तानी नागरिकों के लिये अलग से हर शहर में रजिस्ट्रशन करवाने का नियम अभी तक बना हुआ है. नागरिक अधिकार संगठन पीयूसीएल के कार्यकर्ता शोभाराम रतूड़ी का कहना है," एक तरफ भारत-पाकिस्तान के बीच संबंध सुधारने की बड़ी-बड़ी बातें होती हैं दूसरी तरफ साधारण लोग अभी भी इस तरह से दोनों देशों के क़ानून की दया पर निर्भर हैं." उधर पुलिस का कहना है कि वो कोई भी चूक नहीं करना चाहती. कर्नाटक की राजधानी बंगलौर में बम धमाकों के बाद पूरे भारत में हाई अलर्ट कर दिया गया है. इस सिलसिले में हरिद्वार को काफी संवेदनशील माना जा रहा है और ख़ासी चौकसी बरती जा रही है क्योंकि इस समय वहाँ सावन का कांवड़ मेला चल रहा है जिसमें देश-विदेश से लाखों लोग कांवड़ में गंगाजल लेने आते हैं. |
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