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पाकिस्तान संघर्षविराम का सम्मान करे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा पर सोमवार रात भर चली गोलीबारी पर भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने पाकिस्तान से कहा है कि वह संघर्षविराम का सम्मान करे और मतभेद सुलझाने के लिए वर्तमान व्यवस्था का इस्तेमाल करे. भारत प्रशासित कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच सोमवार रात गोलीबारी होती रही जो मंगलवार सुबह रुकी. इसमें एक भारतीय सैनिक मारा गया. नवंबर 2003 में दोनों देशों ने नियंत्रण रेखा पर युद्धविराम की सहमति हुई थी. लेकिन कई बार दोनों देश एक-दूसरे पर युद्धविराम के उल्लंधन का आरोप लगा चुके हैं. भारतीय रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने बीबीसी संवाददाता रेणू अगाल से बातचीत में इसे संघर्षविराम के बाद की सबसे बड़ी और संघर्षविराम के उल्लंघन की सबसे गंभीर घटना बताया है. भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा, "नियंत्रण रेखा पर संघर्षविराम के उल्लंघन की घटनाओं में हुई वृद्धि चिंता का विषय है. जनवरी 2008 से अब तक 19 ऐसी घटनाएँ हो चुकी हैं. यही महीने हैं जब सीमापार से आतंकवादियों की घुसपैठ की ज़्यादा से ज़्यादा घटनाएँ होती हैं." ग़ौरतलब है कि पाकिस्तान भारत के इन आरोपों का लगाता खंडन करता आया है कि सीमापार से भारत प्रशासित कश्मीर में घुसपैठ होती है. पाकिस्तान कहता है कि वह कश्मीरियों के केवल नैतिक और कूटनीतिक समर्थन देता है. बड़ी और गंभीर घटना भारतीय रक्षा मंत्री एंटनी ने अपने बयान में कहा, "हमनें पाकिस्तान से कहा है कि वह दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम का सम्मान करे और मतभेदों को फ़्लैग मीटिंग या वरिष्ठ अधिकारियों के बीच वार्ता के ज़रिए सुलझाए." उधर भारतीय सेना के प्रवक्ता लेफ़्टिनेंट कर्नल एके माथुर ने बीबीसी संवाददाता रेणू अगाल को बताया, "पाकिस्तान को नियंत्रण रेखा से लगे नौगाम सेक्टर में भारतीय चौकी पर आपत्ति थी और वे नियंत्रण रेखा से लगभग 300 मीटर अंदर चले आए. ये निश्चित रूप से नियंत्रण रेखा के उल्लंघन की सबसे बड़ी और गंभीर घटना है." लेफ़्टिनेंट कर्नल एके माथुर का कहना था कि यदि पाकिस्तान कह रहा है कि उसके सैनिक नियंत्रण रेखा के अंदर नहीं आए तो 'वे झूठ बोल रहे हैं.' उनका कहना था कि मंगलवार को दोनों पक्षों के बीच हुई फ़्लैग मीटिंग में भारतीय पक्ष ने पाकिस्तान के सामने इस घटना का विरोध किया है और इसे संघर्षविराम का उल्लंघन बताया है. ग़ौरतलब है कि भारतीय सेना का कहना है कि उसका मानना है कि पाँच साल पुराना संघर्षविराम लागू है. उल्लेखनीय है कि दोनों ही ओर से गोलियाँ तो चली हैं लेकिन तोप के गोले नहीं दागे गए. | इससे जुड़ी ख़बरें गोलीबारी के बाद नियंत्रण रेखा पर शांति29 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस जम्मू में तीसरे दिन भी हिंसक प्रदर्शन26 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीर में विस्फोट, पाँच मरे, 18 घायल24 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस तनाव के बाद जम्मू में कर्फ़्यू24 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस 'काबुल हमले के कारण वार्ता पर असर'21 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस गुलमर्ग में पर्यटक समेत दो की मौत20 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस चरमपंथी हमले में पाँच जवान मारे गए05 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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