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चरमपंथी हमले में पाँच जवान मारे गए | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर के कुपवाड़ा में चरमपंथियों के हमले में सेना के पाँच जवान मारे गए हैं. एक चरमपंथी भी मारा गया है. यहाँ सोमवार से ही मुठभेड़ जारी है. इससे पहले बुधवार को सेना ने बताया था कि मुठभेड़ में ग्यारह चरमपंथी मारे गए हैं और सेना के एक जूनियर कमिश्नंड ऑफ़िसर (जेसीओ) की भी मौत हो गई है. उसके बाद दो दिनों तक सेना ने पूरे इलाक़े की घेराबंदी जारी रखी लेकिन अचानक शुक्रवार को चरमपंथियों ने पलटवार किया और भीषण गोलीबारी में पाँच जवान मारे गए जिनमें दो जेसीओ शामिल हैं. इस तरह अब तक इस मुठभेड़ में 12 चरमपंथी और सेना के छह जवान मारे जा चुके हैं. सोमवार शाम को शुरु हुई मुठभेड कुपवाड़ा ज़िले के साधना दर्रे के पास हो रही है. 'पचास हज़ार मारे गए हैं' पिछले कुछ सालों में भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में अलगाववादी हिंसा में कुछ कमी आई है. लेकिन भारत लगातार आरोप लगाता रहा है कि नियंत्रण रेखा की ओर से हो रही घुसपैठ अब भी जारी है. पाकिस्तान इन आरोपों का खंडन करता आया है और कहता रहा है कि वह कश्मीरी अलगाववादियों को केवल नैतिक और राजनीतिक समर्थन देता है. भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने हाल में कहा था कि जम्मू-कश्मीर में कुछ ही महीने बाद होने वाले चुनावों को विघ्न पैदा करने की कोशिश हो सकती है. जम्मू-कश्मीर में पिछले 19 साल से जारी चरमपंथ में लगभग 50 हज़ार लोग मारे गए हैं और अनेक लापता हो गए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें कई महीने बाद श्रीनगर में धमाका20 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीर को लेकर प्रतिबद्ध हैं: कियानी13 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीर में कुछ स्थानों से सेना हटेगी29 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस कश्मीर और परमजीत की प्रेमकहानी05 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'आशा हो, तभी ज़िंदा रह सकते हैं' 04 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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