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माओवादी सरकार नहीं बनाएँगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में माओवादी पार्टी के अधिकारियों ने कहा है कि वे देश की अगली सरकार बनाने की कोशिश नहीं करेंगे. सोमवार को माओवादी पार्टी के उम्मीदवार रामराजा सिंह राष्ट्रपति पद के दूसरे चरण के चुनाव में हार गए थे. अप्रैल में संविधान सभा के लिए हुए चुनाव में माओवादी पार्टी सबसे बड़ा दल बनकर उभरा था और माना जा रहा था कि वो ही सरकार बनाएँगे. लेकिन माओवादियों का कहना है कि कुछ अन्य पार्टियाँ इसमें बाधा डाल रही हैं. बताया जा रहा है कि माओवादी नेता प्रचंड ने कहा है कि अब वे लोग सरकार नहीं बनाएँगे. संवाददाताओं के मुताबिक सरकार न बनाने के माओवादियों के निर्णय से नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ेगी. बीबीसी संवाददाता सुशील शर्मा के मुताबिक अब ये चिंता जताई जा रही है कि नेपाल में अलग-अलग विचारधाराओं वाली विभन्न पार्टियों की गठबंधन सरकार बन सकती है जबकि माओवादी बाहर से खेल देखेंगे- वो माओवादी जिनमें लोगों को सड़क पर लाने की क्षमता है. राष्ट्रपति पद के लिए माओवादियों के उम्मीदवार रामराजा प्रसाद सिंह को 208 वोट मिले थे जबकि नेपाली कांग्रेसी के उम्मीदवार राम बरन सिंह को 308 वोट मिले. नेपाल में अप्रैल में संविधान सभा के लिए हुए चुनावों में माओवादी पार्टी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई थी. माओवादियों ने 2006 में एक समझौते पर दस्तख़त किए थे, जिसके बाद वहाँ एक दशक से चले आ रहे नागरिक युद्ध का अंत हो गया था. इस युद्ध में हज़ारों लोग मारे गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में राष्ट्रपति पद पर सस्पेंस क़ायम19 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल के प्रधानमंत्री कोइराला का इस्तीफ़ा 26 जून, 2008 | भारत और पड़ोस शाही महल बना संग्रहालय16 जून, 2008 | भारत और पड़ोस 'नारायणहिती' छोड़कर 'नागार्जुन महल' गए ज्ञानेंद्र12 जून, 2008 | भारत और पड़ोस माओवादियों ने राष्ट्रपति पद का दावा छोड़ा05 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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