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नेपाल में राष्ट्रपति पद पर सस्पेंस क़ायम | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में संविधान सभा देश का पहला राष्ट्रपति चुनने में विफल रही है. लेकिन उप राष्ट्रपति पद के लिए हुए चुनाव में मधेशी जन अधिकार फ़ोरम के परमानंद झा विजयी रहे हैं. अपने-अपने उम्मीदवारों को राष्ट्रपति पद की दौड़ में आगे ले जाने की कोशिश में जुटी पार्टियाँ ज़रूरी समर्थन नहीं जुटा पाईं. राष्ट्रपति बनने के लिए 298 मतों की आवश्यकता थी. लेकिन किसी भी पार्टी के उम्मीदवार को आवश्यक मत नहीं मिल पाए. दूसरा दौर नेपाली कांग्रेस के उम्मीदवार राम बरन यादव को सर्वाधिक 283 वोट मिले जबकि माओवादी पार्टी के रामराजा प्रसाद सिंह 270 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे.
दूसरे दौर के चुनाव में अब सिर्फ़ राम बरन यादव और रामराजा प्रसाद सिंह ही आमने-सामने होंगे. दूसरे दौर का मतदान सोमवार को होगा. दूसरी ओर परमानंद झा नेपाल के नए उपराष्ट्रपति चुन लिए गए हैं. मधेशी जनअधिकार फ़ोरम के परमानंद झा को 312 मत हासिल हुए. उपराष्ट्रपति पद की दौड़ में माओवादी पार्टी के शांता श्रेष्ठ, नेपाली कांग्रेस के मान बहादुर विश्वकर्मा, यूएमल के अष्ट लक्ष्मी शाक्य भी शामिल थे. लेकिन जीत मिली परमानंद झा को. | इससे जुड़ी ख़बरें माओवादी शामिल होंगे सरकार में31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस राजशाही के भविष्य पर अहम बहस शुरू11 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादी मंत्रिमंडल में शामिल हुए31 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस प्रचंड ने राष्ट्रपति बनने की इच्छा जताई24 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस अमरीका का माओवादियों से संपर्क 02 मई, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल में माओवादी मंत्रियों के इस्तीफ़े12 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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