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वामपंथी और बसपा साथ-साथ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार से वामपंथी दलों के समर्थन वापस लेने के बाद राजनीतिक घटनाक्रम तेज़ हो गया है. क़रार का विरोध करने के लिए वामपंथी नेताओं ने बहुजन समाज पार्टी की नेता मायावती के साथ हाथ मिला लिया है. वामपंथी नेताओं ने दिल्ली में मायावती से मुलाक़ात की. बातचीत के बाद सीपीएम महासचिव प्रकाश कारत ने कहा कि परमाणु क़रार पर संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) की नीतियों के ख़िलाफ़ हमने एक होने का फ़ैसला किया है. कारत ने कहा, "मायावती ने क़रार के ख़िलाफ़ जो क़दम उठाया है, उसकी हम सराहना और समर्थन करते हैं. परमाणु क़रार के विरोध के संघर्ष में बसपा हमारे साथ है." अमर सिंह भी बरसे इस बीच समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके मायावती पर निशाना साधा. अमर सिंह ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के इशारे पर ही समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह और अभिनेता अमिताभ बच्चन को परेशान करने की कार्रवाइयाँ की गई थीं. अमर सिंह ने दावा किया कि एक स्टिंग ऑपरेशन के ज़रिए एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की बातें उन्होंने कैमरे पर रिकॉर्ड कीं हैं. पिछले दिनों अमरीका से परमाणु क़रार के मुद्दे पर वामपंथियों के नाराज़ होने के बाद कांग्रेस की नज़दीकियाँ समाजवादी पार्टी से बढ़ गई हैं जबकि बसपा से उनसे दूरियाँ बढ़ गईं हैं. समाजवादी पार्टी वे यूपीए को भरोसा दिलाया है कि विश्वास मत के दौरान उसके 39 सांसद सरकार के पक्ष में वोट देंगे. |
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